मिडल ईस्ट की टेंशन में झुलसा भारतीय शेयर बाजार, इन्वेस्टर्स की धड़कनें हुई तेज

भारतीय शेयर बाजार, 22 अप्रैल 2026 (Photo: Freepik & ANI)
Indian Stock Market 22 April 2026: डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बावजूद ईरान के साथ तनाव कम नहीं हुआ है. शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है. जानें क्या आईटी शेयरों की बिकवाली से पेट्रोल के दाम बढ़ सकते हैं.
Indian Stock Market 22 April 2026: आज बुधवार, 22 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत काफी कमजोर रही. बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों औंधे मुंह गिर गए. सुबह 9:33 बजे तक सेंसेक्स 478 अंक टूटकर 78,795 पर आ गया, वहीं निफ्टी 131 अंकों की गिरावट के साथ 24,445 पर ट्रेड कर रहा था. इन्वेस्टर्स की इस घबराहट के पीछे सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता का अटकना है.
क्यों टूट रहे हैं आईटी शेयर?
बाजार की इस गिरावट में सबसे ज्यादा मार आईटी सेक्टर (IT Sector) पर पड़ी है. HCL Tech और Tata Elxsi के कमजोर तिमाही नतीजों ने इन्वेस्टर्स का भरोसा डगमगा दिया है. इसके चलते Infosys, TCS और Tech Mahindra जैसे बड़े शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी जा रही है. मार्केट एक्स्पर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल अनिश्चितता के कारण इन्वेस्टर्स अभी जोखिम उठाने से बच रहे हैं और सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं.
अमेरिका-ईरान के बीच क्या है असली पंगा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा तो दिया है, लेकिन बात अभी बनी नहीं है. ईरान ने बातचीत के लिए अमेरिका की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है. ईरान की मांग है कि अमेरिका पहले ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ की नाकाबंदी हटाए, जिससे उसे रोजाना 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है. दूसरी ओर, अमेरिका का कहना है कि ईरान के पास तेल रखने की जगह खत्म हो रही है, इसलिए उसे जल्द ही समझौता करना पड़ेगा.
क्या अब बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल इंपोर्ट करता है, इसलिए खाड़ी देशों में तनाव का सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. कच्चा तेल (Brent Crude) फिलहाल 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने अब तक कीमतों को काबू में रखा है, लेकिन अगले हफ्ते विधानसभा चुनावों की वोटिंग खत्म होते ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं.
आगे क्या होगा बाजार का हाल?
बाजार के जानकारों के अनुसार, जब तक युद्ध की स्थिति साफ नहीं होती, निफ्टी 23,800 से 24,500 के बीच झूलता रह सकता है. अब इन्वेस्टर्स की नजर आरबीआई (RBI) की मीटिंग के मिनट्स और ब्रिटेन के महंगाई आंकड़ों पर है, जो आज ही जारी होने वाले हैं. इन्हीं आंकड़ों से तय होगा कि बाजार रिकवरी करेगा या गिरावट और गहरी होगी.
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लेखक के बारे में
By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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