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रांची : 20 हजार की पॉस मशीन 1200 रु प्रति माह किराये पर

Updated at : 29 Jan 2019 9:37 AM (IST)
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रांची : 20 हजार की पॉस मशीन 1200 रु प्रति माह किराये पर

खाद्य विभाग का कारनामा : हर माह तीन करोड़ व सालाना 36 करोड़ रुपये किराया इस पर एक साल में होने वाले खर्च से खरीदी जा सकती हैं 18 हजार मशीनें रांची : जिस प्वाइंट अॉफ सेल (पॉस) मशीन की कीमत करीब 20 हजार रुपये है, उसे खाद्य अापूर्ति विभाग ने करीब 1200 रुपये प्रति […]

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खाद्य विभाग का कारनामा : हर माह तीन करोड़ व सालाना 36 करोड़ रुपये किराया
इस पर एक साल में होने वाले खर्च से खरीदी जा सकती हैं 18 हजार मशीनें
रांची : जिस प्वाइंट अॉफ सेल (पॉस) मशीन की कीमत करीब 20 हजार रुपये है, उसे खाद्य अापूर्ति विभाग ने करीब 1200 रुपये प्रति माह की दर से पांच साल के लिए किराये पर लिया है. विजनटेक कंपनी की यह पॉस मशीन राज्य भर की 25802 जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानदारों को उपलब्ध कराये गये हैं. अगस्त से अक्टूबर 2016 के बीच पीडीएस दुकानों में यह पॉस मशीनें लगी थी.
इस तरह हर माह पॉस मशीन के किराये मद में सरकार दो कंपनियों को प्रति माह करीब तीन करोड़ तथा सालाना 36 करोड़ का भुगतान कर रही है. इस एक साल के किराये से ही 18 हजार तथा पांच वर्ष में 90 हजार पॉस मशीनें खरीदी जा सकती हैं. सूचना के अधिकार के तहत इस बात का खुलासा हुआ है. यह सूचना भी सूचना मांगने वाले हजारीबाग निवासी गणेश कुमार वर्मा को द्वितीय अपील में जाने के बाद मुहैया करायी गयी है तथा इसमें करीब पांच माह का समय लगा है.
दरअसल राज्य भर के पीडीएस दुकानों से लाभुकों को राशन, चीनी, तेल व केरोसिन का वितरण पॉस मशीन की सहायता से होता है. लाभुक को बायोमेट्रिक सिस्टम वाले इस पॉस मशीन में अपनी अंगुलियों के निशान देने होते हैं. लाभुक की पहचान होने तथा इसके लिए अोटीपी जारी होने पर ही दुकानदार उसे राशन व अन्य खाद्य सामग्री व केरोसिन देता है. पॉस मशीन में सिम लगा होता है तथा इंटरनेट की सहायता से यह काम करता है. यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार ने लुटिया डुबाने वाला यह सौदा कैसे किया. पर तथ्य बताते हैं कि इससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है.
किराये पर पॉस मशीन के लिए इच्छा की अभिव्यक्ति के माध्यम से दो कंपनियों को यह काम मिला है. इनमें से एक मेसर्स इंटिग्रा माइक्रो सिस्टम प्रा.लि, बेंगलुरु को संताल परगना प्रमंडल के जिलों में तथा दूसरी कंपनी मेसर्स लिंकवेल टेली सिस्टम प्रालि, हैदराबाद को राज्य के शेष जिलों में यह काम मिला है. खाद्य निदेशालय, कंपनी को एक पॉस मशीन के लिए प्रति माह टैक्स सहित 1474.50 रु का भुगतान कर रहा है. इसमें सभी पॉश मशीन में कंपनी की अोर से लगाये गये सिम का किराया तथा करीब सवा सौ का सर्विस टैक्स शामिल है. इस रकम को छोड़ दें, तो प्रति पॉस मशीन करीब 1200 रु प्रति माह का शुद्ध भुगतान दोनों कंपनियों को हो रहा है.
इस 1200 रुपये में पॉस मशीन की मामूली खराबी दुरुस्त करने का शुल्क भी शामिल है. पर राज्य के विभिन्न पीडीएस डीलरों तथा पीडीएस डीलर्स एसोसिएशन से बात करने पर पता चला कि ज्यादातर मामलों में मामूली खराबी दुरुस्त करने पर भी कंपनी की अोर से 50-100 रु शुल्क ले लिया जाता है. कम ही जगह डीलरों को होम सर्विस उपलब्ध है. पॉस में खराबी आने पर उसे जिला मुख्यालय लाना पड़ता है, जहां कंपनी के तकनीशियन उसे दुरुस्त करते हैं. इस तरह सर्विस चार्ज के रूप में कंपनी को हो रहे भुगतान का लाभ पीडीएस डीलरों के ही अनुसार उन्हें नहीं मिल रहा है.
एक पॉस मशीन पर मासिक खर्च 1474.50 रु
किराया 750.00 रु
फील्ड सपोर्ट सर्विस व सिम रिचार्ज 600.00 रु
टैक्स 124.50 रु
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