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खूंटी के सांसद कड़िया मुंडा को मिलेगा पद्मभूषण, खूंटी से 8 बार रह चुके हैं सांसद, झारखंड से पद्मभूषण पाने वाले पहले राजनेता

Updated at : 26 Jan 2019 12:04 AM (IST)
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खूंटी के सांसद कड़िया मुंडा को मिलेगा पद्मभूषण, खूंटी से 8 बार रह चुके हैं सांसद, झारखंड से पद्मभूषण पाने वाले पहले राजनेता

शचिंद्र कुमार दास, खरसावां सादा जीवन उच्‍च विचार… इसकी बानगी एक साथ कहीं दिखती है तो वो कड़िया मुंडा के व्‍यक्तित्‍व में. खूंटी से आठ बार सांसद रहे कड़िया मुंडा तीन बार केंद्र में मंत्री और एक बार लोकसभा उपाध्यक्ष भी रह चुके है. लोगों की सेवा का ही परिणाम है कि आज देश के […]

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शचिंद्र कुमार दास, खरसावां
सादा जीवन उच्‍च विचार… इसकी बानगी एक साथ कहीं दिखती है तो वो कड़िया मुंडा के व्‍यक्तित्‍व में. खूंटी से आठ बार सांसद रहे कड़िया मुंडा तीन बार केंद्र में मंत्री और एक बार लोकसभा उपाध्यक्ष भी रह चुके है. लोगों की सेवा का ही परिणाम है कि आज देश के प्रतिष्ठित सम्‍मान पद्म भूषण से सम्‍मानित किया जा रहा हैं. इसी के साथ वो झारखंड के पहले राजनेता बन गये है जिन्‍हें इस सम्‍मान से सम्‍मानित ‍किया जा रहा हैं.
भारत सरकार ने शुक्रवार की रात पद्म भूषण पुरस्कार के लिये कड़िया मुंडा के नाम की घोषणा की है. झारखंड से पद्मभूषण पाने वालों में कड़िया मुंडा पहले राजनेता है. कड़िया मुंडा खुंटी से आठवीं बार के सांसद है. इसके अलावे कड़िया मुंडा दो टर्म विधायक भी रह चुके है. कड़िया मुंडा को सादगी का दूसरा नाम माना जाता है. केंद्रीय मंत्री, लोस उपाध्यक्ष समेत कई बड़े ओहदा पर रहने के बावजूद भी वे हमेशा से सरल जीवन व्यतित रहते है. न तो दिखावा करते है और न ही लाव लस्कर के साथ चलते है.
20 अप्रैल 1936 को खूंटी के अनिगड़ा गांव में जन्मे कड़िया मुंडा ने रांची विश्व विद्यालय से एमए तक की शिक्षा प्राप्त की है. कड़िया मुंडा अब तक चीन, फ्रांस, लंदन, नेपाल, नॉर्थ कोरिया, सिंगापुर, थाईलैंड व युएई का भ्रमण कर चुके है. कड़िया मुंडा ने राजनीति का पहला पाठ जनसंघ से ही पढ़ा है. 70 के दशक में कड़िया मुंडा पहली बार जनसंघ से जुड़े और फिर बाद में बिहार प्रदेश जनसंघ में सहायक सचिव के रुप में कार्य किया.
भाजपा में भी दो बार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व अनुसूचित जन जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे पदों पर कार्य कर चुके है. केंद्र की अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में कड़िया मुंडा कैबिनेट मंत्री भी रह चुके है. इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल लागू करने के बाद 1977 में कड़िया मुंडा पहली बार जनता पार्टी के टिकट पर खूंटी से जीत दर्ज कर संसद पहुंचे थे.
वर्ष 1989, 1991, 1996, 1998, 1999, 2009 व 2014 के लोस चुनाव में खुंटी से संसद तक पहुंचने में कामयाब रहे. केंद्र में अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार के तीन बार मंत्री व 2009 से 2014 तक लोस के उपाध्यक्ष भी रहे है.
कड़िया मुंडा को पद्म भूषण मिलने की खबर से खरसावां जश्न
खरसावां : स्थानीय सांसद कड़िया मुंडा को देश का प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म भूषण मिलने की खबर से खरसावां में जश्न का माहौल है. भाजपा के नेताओं ने सांसद कड़िया मुंडा को बधाई देते हुए इसे बड़ी उपलब्धि बताया है. सांसद कड़िया मुंडा को बधाई देने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप सिंहदेव, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव, लखीराम मुंडा, विजय महतो आदी शामिल है.
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