सवर्ण आरक्षण से कटुता खत्म हुई, सामाजिक समरसता बढ़ी है - आरके सिन्हा

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Jan 2019 12:50 AM

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रांची : राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने कहा है कि सवर्ण आरक्षण से सामाजिक समरसता बढ़ी है. पहले सवर्ण युवकों में आक्रोश था़ कभी-कभी यह आक्रोश सड़कों पर भी दिखता था़ इस वर्ग के गरीब युवकाें की धारणा थी कि सरकार उनके लिए नहीं सोच रही है़ इससे समाज में कटुता व्याप्त थी. सवर्णों को […]

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रांची : राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने कहा है कि सवर्ण आरक्षण से सामाजिक समरसता बढ़ी है. पहले सवर्ण युवकों में आक्रोश था़ कभी-कभी यह आक्रोश सड़कों पर भी दिखता था़

इस वर्ग के गरीब युवकाें की धारणा थी कि सरकार उनके लिए नहीं सोच रही है़ इससे समाज में कटुता व्याप्त थी. सवर्णों को आरक्षण के बाद कटुता खत्म हुई है़ समाज में एक-दूसरे वर्गों के प्रति समरसता बढ़ी है़
यह अारक्षण गरीबों के बीच भेद खत्म करेगा. श्री सिन्हा शुक्रवार को प्रभात खबर कार्यालय में संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए़ उन्होंने पत्रकारिता के अनुभव व वर्तमान राजनीति पर बातचीत की़
इस सवाल पर कि उत्तर प्रदेश व बिहार जैसे राज्यों में गैर भाजपाई दलों के बीच हो रहे गठबंधन का क्या असर होगा. श्री सिन्हा ने कहा कि जैसे-जैसे लोग इकट्ठा हो रहे हैं, उससे जनता रियेक्ट कर रही है. इससे मोदी के पक्ष में ही ध्रुवीकरण होगा.
श्री सिन्हा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कुल 80 लोकसभा सीटों में से वर्तमान की तरह 72 सीटें जीतना भाजपा के लिए चुनौती तो है, पर एक पत्रकार होने के नाते मुझे यह स्थिति ज्यादा निराशाजनक नहीं लगती.
विधानसभा की बात होती तो बात अलग थी, पर लोकसभा में मोदी का विकल्प नहीं दिख रहा है. श्री सिन्हा ने कहा कि मोदी का व्यक्तित्व बड़ा है.
उन्होंने कहा कि तीन राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में विधानसभा की परिस्थितियां अलग थीं. लोकसभा चुनाव में इसका असर नहीं पड़ने वाला है़ बिहार के सवाल पर उन्होंने कहा कि यहां भी स्थिति बहुत चुनौतीपूर्ण नहीं है.
वहां नीतीश व रामविलास को हम (भाजपा) अपने से अलग नहीं मान रहे हैं. साफ है कि वहां हम सभी 40 सीटों पर लड़ेंगे. श्री सिन्हा ने नदी व जल को बचाना जरूरी बताया तथा कहा कि जैविक खेती व ड्रिप इरिगेशन से किसानों सहित सबका भला होगा.
अभी हमारा भोजन खेती में रसायनों के प्रयोग से विषाक्त हो गया है. किसानों को समझाने की जरूरत है़ उन्होंने कहा कि जल को बचाने की जरूरत है़ हम पानी नहीं बचायें, तो आने वाले समय में पानी के लिए ही विश्व युद्ध होना है़
घटनास्थल से सुजीत को उठा कर सीधे सदर अस्पताल ले गये, जहां ऑन ड्यूटी डॉक्टर प्रभात रंजन व डॉ दिवाकर पासवान ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक के पॉकेट से पुलिस ने उसकी मोबाइल बरामद की, जिसे खंगाला जा रहा है.
घटना की सूचना पाकर ठाढ़ी दुलमपुर में रहनेवाले सुजीत के सगे भाई नन्हें राजेश व रिखिया थाना क्षेत्र के चीरोडीह में रहनेवाले फुफेरे भाई देवव्रत वर्मा भी पहुंचे. इन दोनों ने पुलिस को बताया कि अप्रैल महीने में चीरोडीह निवासी सुमित सिन्हा के अपहरण का केस हुआ था. उस केस में सुजीत को फंसा दिया गया था.
बाद में वह मामला झूठा साबित हुआ और उल्टे इस मामले के शिकायतकर्ता व अन्य पर मुकदमा चलनेवाला था. इसी को लेकर बराबर केस मैनेज का दबाव दिया जा रहा था.
भाई व फुफेरे भाई ने आशंका जतायी है कि उसी विवाद में सुमित के पिता अंजनी सिन्हा ने सुजीत की हत्या करा दी. घटना को लेकर शक की सूई अंजनी के पुत्र नीरज पर जा रही है. अंजनी जहां चीरोडीह में रहता था, वहीं बगल में सुजीत की भी जमीन थी. जमीन को लेकर भी उनलोगों से विवाद था.
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