जिस पप्पू लोहरा और सुशील पर पुलिस ने रखा है इनाम, वह घूमता था कोबरा बटालियन के साथ, फोटो सोशल मीडिया पर वायरल

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
रांची : प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन जेजेएमपी के जिस उग्रवादी पप्पू लोहरा और बीरबल उर्फ सुशील उरांव के लिए झारखंड पुलिस ने इनाम रखा है. वह कभी सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के साथ नक्सलियों के खिलाफ अभियान में चलता था. सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवानों के साथ दोनों उग्रवादियों का एक फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पप्पू लोहरा का पूरा नाम पप्पू लोहरा उर्फ सोमेद लोहरा है. वह संगठन में जोनल कमांडर के पद पर है. उसके पिता का नाम बिरजू उर्फ गरज लोहरा है. वह लातेहार जिला के कोने लुडी का रहने वाला है. उस पर 10 लाख का इनाम भी है.
वहीं पुलिस की दूसरी रिकॉर्ड में सुशील उरांव का पूरा नाम बीरबल उर्फ सुशील उरांव है. वह संगठन में सबजोनल कमांडर के पद है. उसके पिता का नाम स्व फेकु उरांव है. वह लातेहार में मनिका थाना क्षेत्र के मनधनिया का रहने वाला है. उस पर झारखंड पुलिस ने पांच लाख का इनाम रखा है.
फोटो वायरल होने से संबंध की हो रही पुष्टि : उल्लेखनीय है कि जेजेएमपी के उग्रवादियों से पहले से पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों के संबंधित होने की बात सामने आ चुकी है. लेकिन कभी पुलिस अधिकारियों ने पूर्व में इसकी अाधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की थी. लेकिन अब फोटो वायरल होने से संबंध की पुष्टि होने लगी है, क्योंकि फोटो में पप्पू लोहरा अत्याधुनिक राइफल लिए हुए है. वहीं दूसरी ओर सुशील के हाथ में ग्रेनेड लांचर है. उनके पीछे सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के जवान भी हैं.
बकोरिया कांड में नाम आ चुका है लोहरा का : बताया जाता है कि फोटो अभियान के दौरान लातेहार के किसी जंगल का है. उल्लेखनीय है कि बकोरिया में कथित फरजी मुठभेड़ में पप्पू लोहरा का नाम सामने आ चुका है. पूर्व में जेजेएमपी के उग्रवादी गोपाल सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था.
उसने तब स्वीकार किया था कि नक्सली अनुराग और 11 निर्दोष लोगों की हत्या जेजेएमपी के उग्रवादी पप्पू लोहरा ने की थी. बाद में गोपाल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था. बकोरिया एनकाउंटर केस की जांच सीआइडी पूरा कर न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट सौंपी चुकी है. सीआइडी ने एनकाउंटर में मारे गये लोगों को पुलिस द्वारा मारा जाना बताया है. वर्तमान में इस केस की जांच सीबीआइ कर रही है. मामले में फोटो के संबंध में आइजी सीआरपीएफ संजय आनंद लाटकर से फोन पर पक्ष लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने न तो फोन रिसीव किया और न ही मैसेज का जवाब दिया.
मैंने अभी फोटो नहीं देखा है. अगर मेरे पास अधिकृत रूप से फोटो आयेगा. तब मैं फोटो को संबंधित जिला के एसपी के पास जांच के लिए भेजूंगा. जांच के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है.
आरके मल्लिक, एडीजी अभियान सह पुलिस प्रवक्ता
Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें