रांची : रिम्स का विकास और बेहतर छवि ही मेरा मुख्य लक्ष्य

Updated at : 05 Dec 2018 9:04 AM (IST)
विज्ञापन
रांची : रिम्स का विकास और बेहतर छवि ही मेरा मुख्य लक्ष्य

निदेशक डॉ डीके सिंह ने प्रभात खबर से की विशेष बातचीत, कहा रांची : रिम्स के नवनियुक्त निदेशक डॉ डीके सिंह बुधवार को अपने पद पर योगदान देंगे. वह सुबह 10:00 बजे निदेशक के पद पर अपना कार्य शुरू करेंगे. मंगलवार शाम प्रभात खबर से विशेष बातचीत में डॉ सिंह ने कहा कि रिम्स राज्य […]

विज्ञापन
निदेशक डॉ डीके सिंह ने प्रभात खबर से की विशेष बातचीत, कहा
रांची : रिम्स के नवनियुक्त निदेशक डॉ डीके सिंह बुधवार को अपने पद पर योगदान देंगे. वह सुबह 10:00 बजे निदेशक के पद पर अपना कार्य शुरू करेंगे. मंगलवार शाम प्रभात खबर से विशेष बातचीत में डॉ सिंह ने कहा कि रिम्स राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल है. इसी से राज्य की चिकित्सा व्यवस्था की छवि देश के पटल पर बनती है. एेसे में निदेशक होने के नाते रिम्स के विकास व बेहतर छवि हमारा मुख्य उद्देश्य होगा.
मैनपावर और नर्सों की भारी कमी के बीच बेहतर चिकित्सा मुहैया कराना कैसे संभव होगा? इस सवाल पर डॉ सिंह ने कहा कि नर्सों की नियुक्ति का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग के पास है. हम प्रयास करेंगे कि शीघ्र इस कमी को दूर किया जाये. ट्रॉमा सेंटर, सीटीवीएस व नेफ्रोलॉजी को शुरू कराने पर कहा कि मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़े, रिम्स में ही इलाज मिले, यह प्राथमिकता में शामिल है.
सरकार के नियम के अनुसार सभी को काम करना होगा : एनपीए लेने के बाद डॉक्टरों द्वारा निजी प्रैक्टिस के मामले में उन्हाेंने कहा कि सरकार का कि जो नियम है, उसी में रहकर सबकाे काम करना है. इस मामले में भी नियम का पालन किया जायेगा. ओपीडी व कार्यालय के समय पर सभी रहे इसका पालन किया जायेगा.
बीएचयू में दे चुके हैं अपनी सेवाएं
डॉ डीके सिंह काशी हिन्दू विश्वविद्यालय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आइएमएस), एनिस्थियोलॉजी एंड क्रिटिकल केयर विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ आचार्य रह चुके हैं. डॉ सिंह इंडियन सोसायटी ऑफ क्रिटिकल केयर गवर्निंग काउंसिल के सदस्य भी हैं. वर्ष 1956 में संत रविदास नगर (यूपी के भदोही) जिले के औराई के निकट स्थित गांव में जन्मे डॉ डीके सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से वर्ष 1985 में एमडी कर के बीएचयू के चिकित्सा विज्ञान संस्थान में वर्ष 1992 सेवा शुरू कर 2007 तक प्रोफेसर के रूप में लगातार कार्य किया.
उन्होंने सरसुंदरलाल चिकित्सालय में वर्ष 2005 में गुर्दा प्रत्यारोपण (किडनी ट्रांसप्लांट) की सुविधा शुरू करने में सहयोग दिया. डॉ सिंह ने वर्ष 2008 में सरसुंदरलाल अस्पताल में आधुनिक गहन चिकित्सा इकाई शुरू की. इसके अलावा पीडीसीसी क्रिटिकल केयर कोर्स की शुरुआत की. वर्ष 2009-2012 तक एनिस्थिसिया विभाग के विभागाध्यक्ष रहे, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल में वर्ष 2013-14 तक ट्राॅमा सेंटर एवं इमरजेंसी मेडिसिन के विभागाध्यक्ष भी रहे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola