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रांची :दूसरी कंपनियों में भेजे जायेंगे 15 साल से जमे अफसर, कोल इंडिया ने सभी अधिकारियों से मांगा ऑप्शन

Updated at : 26 Nov 2018 7:33 AM (IST)
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रांची :दूसरी कंपनियों में भेजे जायेंगे 15 साल से जमे अफसर, कोल इंडिया ने सभी अधिकारियों से मांगा ऑप्शन

जिसके आधार पर उनका तबादला किया जा सकता है रांची : कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों में 15 साल से अधिक समय से एक ही कंपनी में काम रहे अधिकारी हटाये जायेंगे. उनका तबादला दूसरी कंपनियों में किया जायेगा. कोल इंडिया ने ऐसे अधिकारियों को सूचीबद्ध करने का आदेश सभी कंपनियों को दिया है. ऐसे […]

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जिसके आधार पर उनका तबादला किया जा सकता है

रांची : कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों में 15 साल से अधिक समय से एक ही कंपनी में काम रहे अधिकारी हटाये जायेंगे. उनका तबादला दूसरी कंपनियों में किया जायेगा. कोल इंडिया ने ऐसे अधिकारियों को सूचीबद्ध करने का आदेश सभी कंपनियों को दिया है. ऐसे अधिकारियों से कोल इंडिया ने तीन-तीन ऑप्शन मांगें हैं. ऑप्शन के आधार पर उनका तबादला किया जा सकता है. कोल इंडिया के अधिकारियों के लिए बनाये गये जॉब रोटेशन और ट्रांसफर पॉलिसी के आधार पर ऐसा किया जा रहा है.

कोल इंडिया के महाप्रबंधक कार्मिक तृप्ति पराग शॉ ने सभी कंपनियों के अधिकारी स्थापना के महाप्रबंधक को पत्र लिखा है. इसमें 31 मार्च 2019 तक 15 साल पूरा करनेवाले अधिकारियों से तीन-तीन ऑप्शन देने को कहा गया है.

10 दिसंबर तक ऑप्शन देने का आदेश : कोल इंडिया ने ऐसे अधिकारियों को 10 दिसंबर तक कोल इंडिया के एचआइआरएस पोर्टल पर सूची डालने को कहा है.

इसमें कहा गया कि ऑप्शन पर अधिकारियों के प्रोमोशन या पदस्थापन के समय विचार किया जायेगा. अगर अधिकारी इस अवधि में अपना ऑप्शन नहीं देंगे, तो उनको रिक्त पदों के आधार पर कहीं भी भेजा जा सकता है.

चिकित्सा अधिकारियों को छूट : कोल इंडिया ने इस स्कीम से चिकित्सकों को छूट दी है. चिकित्सकों से इसका ऑप्शन नहीं मांगा गया है. कोल इंडिया की विभिन्न कंपनियों में कई ऐसे अधिकारी हैं, जो योगदान के बाद से ही एक ही कंपनी में जमे हुए हैं. सीसीएल, सीएमपीडीआइ, बीसीसीएल और इसीएल में कई ऐसे अधिकारी हैं. कई अधिकारी तो प्रमोशन लेने के बाद भी उसी कंपनी में जमे हुए हैं.

मगध-आम्रपाली में ट्रांसफर करने का एक स्वर में किया गया विरोध,

रांची : सीसीएल के संयुक्त सलाहकार संचालन समिति की बैठक में सीसीएल कर्मियों के एक मुश्त मगध-आम्रपाली में ट्रांसफर का विरोध किया गया. बैठक में समिति के सदस्यों ने कहा कि बिना सुविधा के कर्मियों को मगध भेजा जा रहा है. करीब 500 कर्मियों को भेजा गया है. यह गलत है. पिपरवार में रखने की बात हो रही है. वहां 1500 के करीब मजदूरों के ही रहने का स्थान है.

करीब चार हजार कर्मी वहां पदस्थापित किये गये हैं. बैठक में कंपनी प्रबंधन से स्थानांतरण रद्द करने का आग्रह किया गया. मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रबंधन एकतरफा फैसला ले रहा है.

बैठक में कायाकल्प, अंडर ग्राउंड एलावेंस के साथ-साथ कुज्जू से तबादला किये गये कर्मियों के मुद्दे पर भी विचार किया गया. पूर्व तय होने के बाद भी कुजू के कर्मियों का तबादला आदेश नहीं रोके जाने का विरोध किया.

बैठक में यूनियन की ओर से लखन लाल महतो, आरपी सिंह, अशोक यादव, हरिशंकर सिंह, ललन सिंह, मधुसूदन वर्मा आदि मौजूद थे. प्रबंधन की ओर से निदेशक कार्मिक आरएस महापात्र, निदेशक तकनीकी एके मिश्र, निदेशक तकनीकी सुबीर चंद्र, सीएमएस डॉ सीपी धाम आदि मौजूद थे.

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