रांची : महिला पुलिस का आठवां राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, मुख्यमंत्री ने कहा, महिला पुलिस ऐसी मिसाल पेश करें कि वह प्रेरणा बने

Updated at : 20 Nov 2018 6:56 AM (IST)
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रांची : महिला पुलिस का आठवां राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू, मुख्यमंत्री ने कहा, महिला पुलिस ऐसी मिसाल पेश करें कि वह प्रेरणा बने

रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि महिला शक्ति में काफी ताकत है. हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आयी हैं. दूसरे क्षेत्र की तुलना में न्यायपालिका में महिला जजों की संख्या कम है. प्रधानमंत्री की सोच है कि महिलाओं को आगे बढ़ाना है. यही वजह है कि विदेश और रक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग […]

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रांची : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि महिला शक्ति में काफी ताकत है. हर क्षेत्र में महिलाएं आगे आयी हैं. दूसरे क्षेत्र की तुलना में न्यायपालिका में महिला जजों की संख्या कम है. प्रधानमंत्री की सोच है कि महिलाओं को आगे बढ़ाना है. यही वजह है कि विदेश और रक्षा मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभाग की कमान महिलाओं को दी गयी है.
महिला पुलिस अफसर भी अपने काम से ऐसी मिसाल पेश करें कि वह दूसरों के लिए प्रेरणा बनें. कानून के साथ खिलवाड़ न हो, पुलिस विभाग की मंशा पर सवाल नहीं उठे, इसका भी हमें ध्यान रखना होगा. मुख्यमंत्री सोमवार को ज्यूडिशियल अकादमी में आयोजित दो दिवसीय महिला पुलिस के आठवें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि आज का दिन एेतिहासिक हैं. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ ही रानी लक्ष्मीबाइ का आज जन्मदिन है. इस दिन यह सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी युग में अपराध का स्वरूप बदल रहा है. नये-नये प्रकार के अपराधों से सुरक्षा बलों का सामना हो रहा है. हमें इसे चुनौती को अवसर के रूप में लेना है. अपने पुलिसकर्मियों को हर प्रकार से दक्ष बनाना है. दक्षता और पेशेवर तरीके से हम तकनीक का उपयोग करते हुए आनेवाली चुनौतियों से निपट सकते हैं.
दो दिवसीय आठवें महिला पुलिस के राष्ट्रीय सम्मेलन में मंथन करें कि कैसे साइबर अपराध और अन्य चुनौतियों से निपटें. कार्यक्रम में झारखंड के डीजीपी डीके पांडेय, बीपीआरएंडडी के डीजी एपी महेश्वरी, सम्मेलन की अध्यक्ष बी संध्या, सचिव संपत मीणा, झारखंड आयोजन समिति की सचिव प्रिया दुबे समेत विभिन्न राज्यों से आये करीब 150 महिला-पुरुष अधिकारी मौजूद थे.
राज्य की महिलाओं ने ठान लिया है, अब विकास कोई रोक नहीं सकता
श्री रघुवर दास ने कहा कहा कि झारखंड में हर क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं हैं. हमारे यहां सामर्थ्य है, संभावना और संयोग है. यदि हमारे राज्य की महिलाओं को हम साथ लेकर आगे बढ़े, तो हमारे राज्य को विकसित राज्य बनने से कोई नहीं रोक सकता है.
राज्य की महिलाओं ने ठान लिया है, अब विकास कोई रोक नहीं सकता. महिलाओं के इस विशेष योगदान को ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने पुलिस बहाली में 33% आरक्षण महिलाओं के लिए किया है. इसके साथ ही अलग बटालियन का गठन किया गया है. महिला पुलिसकर्मी को सुविधा देने के लिए आधारभूत संरचना पर भी काफी काम किया गया है.
प्रेमलता अग्रवाल और दीपिका को मिला सम्मान
पर्वतारोही प्रेमलता अग्रवाल और तीरंदाज दीपिका को भी कार्यक्रम के दौरान बीपीआरएंडी के डीजी एपी माहेश्वरी और डीजी मुख्यालय पीआरके नायडू ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया.
नारी शक्ति हमारे समाज, राज्य और राष्ट्र की शक्ति बने
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में हमारी बेटियों और बहनों ने देश का नाम रोशन किया है. आप सभी का मैं भगवान बिरसा मुंडा की पावन धरती पर स्वागत करता हूं और आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि नारी शक्ति हमारे समाज, राज्य और राष्ट्र की शक्ति बने. हमें महिलाओं को आगे करना होगा. हमने जब-जब अपनी बहन, बेटियों को आगे बढ़ने का मौका दिया है, तब-तब उन्होंने भारत का नाम रोशन किया है.
बेटियों को आगे बढ़ने में मदद करें, ताकि वह मुकाम हासिल करे
सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति ज्ञान सुधा मिश्रा ने कहा कि मैंने जो मुकाम हासिल किया, उसके पीछे मेरे अभिभावकों का अहम योगदान है. उन्होंने मुझे आगे बढ़ने में काफी मदद की. लेकिन यहां पर आप में से कई ऐसे भी होंगे, जो अपने जीवन में कुछ और करना चाहती थीं, लेकिन कर नहीं पायी. क्योंकि आपको पैरेंटस की ओर से जो सहयोग मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला. इसमें पैरेंटस की ही गलती नहीं है.
उस समय की परिस्थितियां भी जिम्मेदार है. लेकिन आप लोग अपनी बेटियों को आगे बढ़ने में मदद करें, ताकि वे अपना मुकाम हासिल कर सकें. वे सोमवार को ज्यूडिशियल अकादमी में आयोजित 8वां राष्ट्रीय पुलिस महिला सम्मेलन में बोल रही थीं.
महिलाओं को पुरुष के बराबर तरजीह देनी होगी : एपी माहेश्वरी
बीपीआरएंडडी के डीजी एपी माहेश्वरी ने कहा कि सम्मेलन में सिपाही से लेकर डीजी रैंक के अफसर शामिल हैं. सभी मिलकर समस्याओं के निदान को लेकर दो दिवसीय सम्मेलन में मंथन करेंगे. जेंडर में भेदभाव की बात उठानी पड़ रही है. आप स्मार्ट सिटी बना देंगे, स्मार्ट गाड़ियां ले आयेंगे, सेफ सिटी बना देंगे. लेकिन अाप अगर अपनी सोच नहीं बदलेंगे, तो कुछ नहीं होगा. हम सभ्य समाज की बात करते हैं.
फिर भी डेमोक्रेसी में जेंडर के बराबरी की बात करनी पड़ती है. महिलाओं के बायलॉजिकल स्ट्रेंथ को समझना होगा. उनके प्रति सोच बदलनी पड़ेगी. उन्हें खुद के बराबर तरजीह देनी होगी. उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने देना होगा. क्योंकि समय-समय पर महिलाओं ने खुद को साबित किया है.
पुलिस महकमे में महिलाओं को नहीं मिलता है बराबरी का दर्जा
सम्मेलन के दौरान हुई परिचर्चा में बीएसएफ के अलावा दूसरे प्रदेश से आयी महिला अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह में पर वे काम करती हैं, वहां पर उन्हें बराबरी का दर्जा नहीं मिलता. टॉयलेट जैसे मूलभूत साधन के लिए भी उन्हें जूझना पड़ता है.
ड्यूटी पर रहने के दौरान बच्चों की चिंता लगी रहती है. वर्क स्थल पर बच्चों के लिए पालनाघर की व्यवस्था भी नहीं है. कुछ जगहों पर पालनाघर है, तो जरूरी चीजें वहां पर नहीं है. विभाग के पुरुष अधिकारी भी महिलाओं की क्षमता पर भरोसा नहीं करते.
फोर्स को प्रोफेशनल के तौर पर जनता के बीच ले जाना होगा : डीजीपी
डीजीपी डीके पांडेय ने कहा कि 2050 में भारतीय पुलिस किस तरह होगी. इस पर इस कार्यक्रम में चर्चा करनी होगी. अपने फोर्स को प्रोफेशनल के तौर पर आम जनता के बीच ले जाना होगा. आनेवाले समय में इसकी नितांत आवश्यकता होगी. डीजीपी ने ग्रोथ रेट की बात भी कही. कहा कि दूसरे प्रदेशों की तुलना में झारखंड तेजी से विकास कर रहा है. वहीं कार्यक्रम की अध्यक्ष बी संध्या ने पुलिस में नयी तकनीक के उपयोग पर जोर दिया.
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