सरकार विरोधी नारा लगाने और हमला के आरोप में 280 पारा शिक्षक गये जेल
Updated at : 17 Nov 2018 1:00 AM (IST)
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रांची : राज्य स्थापना दिवस समारोह के मौके पर मोरहाबादी मैदान में सरकार विरोधी नारा लगाने, पुलिस और प्रशासन के साथ धक्का-मुक्की करने और जानलेवा हमला प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार 280 पारा शिक्षकों को शुक्रवार की शाम न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. नामकुम सीओ सह मजिस्ट्रेट मनोज कुमार की शिकायत पर लालपुर […]
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रांची : राज्य स्थापना दिवस समारोह के मौके पर मोरहाबादी मैदान में सरकार विरोधी नारा लगाने, पुलिस और प्रशासन के साथ धक्का-मुक्की करने और जानलेवा हमला प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार 280 पारा शिक्षकों को शुक्रवार की शाम न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. नामकुम सीओ सह मजिस्ट्रेट मनोज कुमार की शिकायत पर लालपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी. जेल जाने वालों में कुछ महिलाएं भी हैं.
जेल जाने वाले पारा शिक्षकों में अधिकतर देवघर, दुमका, चतरा, गुमला, रामगढ़, गिरिडीह, लातेहार, पलामू, लोहरदगा, धनबाद, हजारीबाग, खूंटी, बोकारो, गढ़वा, सरायकेला, जामताड़ा, पूर्वी सिंहभूम, रांची के विभिन्न स्कूलों में पदस्थापित हैं. प्राथमिकी में पारा शिक्षक के नेता सहित कुल 296 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है.
प्राथमिकी के अनुसार राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मोरहाबादी मैदान में समारोह का आयोजन किया गया था. राज्य के सभी जिलों में भी समारोह आयोजित करने का निर्देश था. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा 12 नवंबर को ही विभाग के नियमित शिक्षकों और अनुबंधित शिक्षकों को अपने विद्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था.
शिकायतकर्ता मोरहाबादी मैदान में दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त थे. उन्हें पूर्व से ही यह सूचना प्राप्त हो रही थी कि पारा शिक्षक मांगों की पूर्ति नहीं होने से नाराज हैं. सभी एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोरचा के बैनर तले समारोह में बाधा उत्पन्न करने के लिए विभिन्न जिलों से रांची पहुंचे थे.
सीएम का भाषण शुरू होते ही हुए बेकाबू
पारा शिक्षकों का नेतृत्व अध्यक्ष संजय दूबे, प्रदेश महासचिव विक्रांत ज्योति, संयोजक बजरंग प्रसाद, मनोज यादव संरक्षक, प्रमोद कुमार उपाध्यक्ष, ऋषिकेश पाठक एवं अन्य कर रहे थे. कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी मौजूद थे.
14.15 बजे जैसे ही मुख्यमंत्री का भाषण आरंभ हुआ, वैसे ही मोरहाबादी मैदान में दर्शकों के लिए बने पंडाल के उत्तरी छोर से कई व्यक्ति कुर्सी से उठ गये. मुख्यमंत्री के भाषण में बाधा डालने के लिए जोर-जोर से एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोरचा के संजय दूबे, विक्रांत ज्योति, बजरंग प्रसाद, मनोज यादव, प्रमोद कुमार, ऋषिकेश पाठक एवं अन्य जिंदाबाद का नारा लगाने लगे. इस स्थिति से निबटने के लिए शिकायतकर्ता ने पुलिस बल के सहयोग से उग्र लोगों को समझाने का प्रयास किया.
लेकिन इसका असर लोगों पर नहीं पड़ा. तब तक आक्रोशित लोग कुर्सियां उठाकर इधर-उधर फेंकने एवं तोड़ने लगे. आक्रोशित लोगों को ऐसा करता देख अन्य मजिस्ट्रेट और पुलिस बल वहां पहुंचे और उनसे शांति बनाये रखने की अपील की. लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ. उत्तेजित पारा शिक्षक पंडाल के बाहर आ गये. सरकार विरोधी नारा लगाने लगे. मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी के साथ धक्का-मुक्की करने लगे.
मजिस्ट्रेट की चेतावनी को दरकिनार किया
मजिस्ट्रेट मनोज कुमार ने भीड़ को शांत रहने अथवा बल प्रयोग की चेतावनी भी दी. इसके बावजूद उन पर कोई असर नहीं पड़ा. तब तक पारा शिक्षक वीआइपी समेत अन्य अफसरों पर पत्थर फेंकने लगे और लाठी- डंडे से हमला कर दिया. इसमें लालपुर थाना प्रभारी रमोद कुमार सिंह, आरएएफ के सहायक उपनिरीक्षक एसके दत्ता वीके तिवारी, आरक्षी डोमन बास्की सहित कई पुलिसकर्मियों को चोट लगी. इस घटना के बाद पारा शिक्षकों ने सड़क जाम कर दिया और गाड़ियों में तोड़-फोड़ करने लगे.
एसडीओ ने दिया था कार्रवाई का आदेश
उत्तेजित पारा शिक्षकों को नियंत्रित करने के लिए एसडीओ गरिमा सिंह ने जरूरी बल प्रयोग करने का आदेश पुलिस को दिया. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरएएफ 106 बटालियन द्वारा छह स्टन सेल छोड़े गये. लेकिन इसका भी असर पारा शिक्षकों पर नहीं पड़ा. तब पारा शिक्षकों को नियंत्रित करने के लिए शरीर के निचले हिस्से पर लाठीचार्ज किया गया.
इस क्रम में कुल 280 लोगों को पुलिस ने पकड़ा. अन्य लोग सरकार विरोध नारा लगाते हुए वहां से भाग निकले. भागने वालों में बोकारो जिला के आनंद कुमार, गिरिडीह निवासी तुलसी महतो, विजय कुमार मिश्रा, निकिम सिंह मुंडा, रामपुकार पांडेय, महावीर मंडल, इम्तियाज अहमद, अभिलाषा झा, अरसद आलम, विश्वनाथ यादव व अन्य शामिल हैं.
प्राथमिकी में है कि पारा शिक्षकों का यह कार्य पूरी तरह से नियोजित एवं षडयंत्र के तहत जानबूझ कर किया गया था. प्राथमिकी में 1200 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. प्राथमिकी आइपीसी की धारा 144,341, 342, 327, 337, 338, 307, 353 के अंतर्गत दर्ज की गयी है. केस का अनुसंधानक लालपुर थाना के दारोगा लालजी यादव को बनाया गया है.
- प्राथमिकी के अनुसार, घटना को पूर्व नियोजित एवं षडयंत्र के तहत दिया गया अंजाम
- पारा शिक्षकों पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने सहित अन्य आरोप भी लगाये गये
सूबे में पहली बार रिकार्ड आंदोलनकारी गये जेल
विभिन्न मांगों को लेकर राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा समय-समय पर आंदोलन किया जाता रहा है. इसमें कई जेल भी भेजे गये हैं. अधिकांश मामलों में आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर कैंप जेल में दिनभर रखने के बाद छोड़ दिया जाता था. लेकिन इस बार आंदोलन करने वाले 280 पारा शिक्षकों को जेल भेजा गया. प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है कि इतनी बड़ी तादाद में आंदोलनकारियों को एक साथ जेल भेजा गया.
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