रांची : डॉ आश्रिता की स्मृति को जीवंत रखने के लिए कार्यक्रम आयोजित करे विभाग : वीसी

Updated at : 30 Oct 2018 9:22 AM (IST)
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रांची : डॉ आश्रिता की स्मृति को जीवंत रखने के लिए कार्यक्रम आयोजित करे विभाग : वीसी

डॉ आश्रिता टूटी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन रांची : रांची विवि के वीसी डॉ रमेश कुमार पांडेय ने कहा कि डॉ आश्रिता टूटी के निधन से हमने सिर्फ एक शिक्षक ही नहीं खोया, बल्कि एक बड़ी सांस्कृतिक प्रतिभा को भी खो दिया है. मृत्यु एक यथार्थ है, पर जिन परिस्थितियों में यह […]

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डॉ आश्रिता टूटी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
रांची : रांची विवि के वीसी डॉ रमेश कुमार पांडेय ने कहा कि डॉ आश्रिता टूटी के निधन से हमने सिर्फ एक शिक्षक ही नहीं खोया, बल्कि एक बड़ी सांस्कृतिक प्रतिभा को भी खो दिया है. मृत्यु एक यथार्थ है, पर जिन परिस्थितियों में यह हुआ, वह दुखद है.
डॉ टूटी के परिजनों को एक सम्मानजनक राशि मिले, इसके लिए वे राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलेंगे. विश्वविद्यालय स्तर से भी प्रयास किया जायेगा. डॉ आश्रिता की स्मृति को जीवित रखने के लिए जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग कार्यक्रमों का आयोजन करे. यह उनकी पुण्यतिथि पर भी हो सकता है़
वह झारखंड एसटी-एससी इंटलैक्चुअल फोरम द्वारा रांची विवि के सेंट्रल लाइब्रेरी सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बोल रहे थे. रांची विवि के रजिस्ट्रार डॉ अमर कुमार चौधरी ने कहा कि वे एक अच्छी खिलाड़ी, शिक्षाविद, संस्कृतिकर्मी और नौकरीपेशा महिला थीं. उन पर यथाशीघ्र शोध होना चाहिए, ताकि लोगों को उनके कार्यों के बारे में अधिक से अधिक जानकारी मिल सके. टीएसी सदस्य रतन तिर्की ने कहा कि समाज को बताने की जरूरत है कि डॉ आश्रिता टूटी क्या थीं.
झारखंड आंदोलन से सदानों को जोड़ने में अहम भूमिका निभायी : जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग के एचओडी डॉ त्रिवेणी नाथ साहू ने कहा कि डॉ आश्रिता भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रति समर्पित भाव से काम करती थीं.
प्राध्यापक डॉ उमेश नंद तिवारी ने कहा कि डॉ आश्रिता ने हर क्षेत्र में महारत हासिल की. झारखंड आंदोलन से सदानों को जोड़ने में उन्होंने अहम भूमिका निभायी. उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था.
साहित्यकार महादेव टोप्पो ने कहा कि उनके जैसी शख्सीयत का दूर होना पूरे झारखंड के लिए एक बड़ी क्षति है. आकाशवाणी की वरिष्ठ उदघोषिका शकुंतला मिश्रा ने कहा कि उनका अपने गीतों को प्रकाशित कराने व डी-लिट करने का सपना अधूरा रह गया. इस अवसर पर डॉ असरिता टूटी के पति लुकस टूटी सहित कई परिजन, राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष महुआ माजी, डॉ गिरिधारी राम गौंझू, सुबास साहू, अरुण तिग्गा, दमयंती सिकू, पावर्ती मुंडू, किशोर उरांव व अन्य मोजूद थे.
रांची. रांची विवि के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को सेंट्रल लाइब्रेरी के पास की सड़क को जाम कर दिया और धरना पर बैठ गये. विवि के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग की शिक्षका आश्रिता टूटी के सड़क हादसे में निधन को लेकर छात्रों में रोष था. छात्रों की मांग थी कि मोरहाबादी कैंपस की सड़क पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद किया जाये, आश्रिता टूटी के परिवार को दस लाख मुआवजा विवि प्रशासन दे और रांची विवि व डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि में नामांकन ले रहे विद्यार्थियों का पांच लाख का बीमा कराया जाये.
मौके पर रांची विवि के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडे पहुंचे और उन्होंने कहा कि यह मामला बहुत ही गंभीर है और छात्र हित में मैंने सरकार को इससे कई बार अवगत कराया है. लेकिन प्रतिदिन घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और सरकार इस पर कोई सुनवाई नहीं कर रही है.
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