रांची : उत्कलिका रांची ने लगाया शिविर, 26 यूनिट रक्त एकत्रित
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Oct 2018 10:50 AM
विज्ञापन
बाल सुधार गृहों में रिक्त पदों के मामले में सरकार स्टेटस रिपोर्ट दे : हाइकोर्ट रांची : झारखंड हाइकोर्ट में विभिन्न जिलों के बाल सुधार गृह में बड़ी संख्या में रिक्त पदों को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस डीएन पटेल की खंडपीठ ने सुनवाई […]
विज्ञापन
बाल सुधार गृहों में रिक्त पदों के मामले में सरकार स्टेटस रिपोर्ट दे : हाइकोर्ट
रांची : झारखंड हाइकोर्ट में विभिन्न जिलों के बाल सुधार गृह में बड़ी संख्या में रिक्त पदों को लेकर स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस अनिरुद्ध बोस व जस्टिस डीएन पटेल की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया. अब मामले की अगली सुनवाई चार जनवरी को होगी. इससे पूर्व राज्य सरकार की अोर से बताया गया कि रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. विज्ञापन प्रकाशित कर दिया गया है.
अधिवक्ता अनूप कुमार अग्र्रवाल ने खंडपीठ को बताया कि जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में सभी जिलों में जेजे बोर्ड के गठन का प्रावधान है. उक्त बोर्ड कोर्ट की तरह होता है, जो नाबालिग से संबंधित मामले की सुनवाई करता है. कानून के अनुसार बाल सुधार गृह में ही जेजे बोर्ड की सुनवाई होनी चाहिए. किसी भी स्थिति में बोर्ड की सुनवाई न तो किसी कोर्ट में होगी और न ही जेल में. उल्लेखनीय है कि राज्य में जेजे एक्ट का पूरी तरह से अनुपालन के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए झारखंड हाइकोर्ट ने इसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया था.
रांची : खूंटी जिला की नाबालिग से रांची में बाल मजदूरी कराने के आरोप में एमलिन केरकेट्टा पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने के लिए सीडब्ल्यूसी ने खूंटी एसपी को पत्र लिखा है. खूंटी एसपी को सीडब्ल्यूसी ने बताया है कि नाबालिग से रांची के नगड़ा टोली स्थित वर्किंग वीमेंस हॉस्टल में काम कराया जाता था. उसके साथ वहां मारपीट भी की जाती थी.
वहां से नाबालिग किसी तरह भाग कर निकल गयी. नाबालिग वर्तमान में खूंटी सीडब्ल्यूसी की देखरेख में है. नाबालिग ने बताया कि वह गांव में स्कूल नहीं जाती थी. जब वह हॉस्टल में रहने लगी, तब से स्कूल भी जाने लगी. वहां से कपड़ा और बरतन धाने के साथ ही मालिश का काम भी कराया जाता था. काम में गलती होने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी. इसके पूर्व सीडब्ल्यूसी की ओर से मामले में कार्रवाई के लिए श्रम अधीक्षक को पत्र लिखा जा चुका है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










