रांची : पीएचडी थिसिस विवाद में शोधार्थी को मिल सकता है सुधार का मौका
Updated at : 11 Oct 2018 9:23 AM (IST)
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प्रतिकुलपति ने वीसी डॉ रमेश पांडेय को सौंपी रिपोर्ट रांची : रांची विवि के हिंदी विभाग के पीएचडी थिसिस विवाद में शोधार्थी को अपने थिसिस में सुधार का एक मौका दिया जा सकता है. विवि के हिंदी विभाग की विभागीय शोध समिति ने शोधार्थी अनुपमा का थिसिस यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि […]
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प्रतिकुलपति ने वीसी डॉ रमेश पांडेय को सौंपी रिपोर्ट
रांची : रांची विवि के हिंदी विभाग के पीएचडी थिसिस विवाद में शोधार्थी को अपने थिसिस में सुधार का एक मौका दिया जा सकता है. विवि के हिंदी विभाग की विभागीय शोध समिति ने शोधार्थी अनुपमा का थिसिस यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि थिसिस अप टू मार्क नहीं है. इसके बाद शोधार्थी ने विभागीय शोध समिति के निर्णय को गलत बताते हुए इसकी शिकायत विवि के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय से की थी.
कुलपति ने मामले की जांच की जिम्मेदारी प्रतिकुलपति प्रो कामिनी कुमार को दी थी. प्रतिकुलपति ने जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी है. प्रतिकुलपति ने मामले से जुड़े शिक्षक व अन्य लोगों से बात की. रिपोर्ट में शोधार्थी को अपने थिसिस में सुधार का एक अवसर देने की बात कही गयी है. विवि प्रशासन का निर्णय हिंदी विभाग को भेज दिया जायेगा. उल्लेखनीय है कि कुलपति ने मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही थी.
क्या है थिसिस विवाद का मामला : अनुपमा निर्मला कॉलेज की शिक्षक डॉ रेणु की देखरेख में पीएचडी कर रही है. शोधार्थी के थिसिस पर हिंदी विभाग की विभागीय शोध समिति की बैठक हुई थी. बैठक में थिसिस को लेकर समिति के सदस्य एकमत नहीं थे. चार में से दो सदस्य ने थिसिस को अप टू मार्क नहीं बताया था, जबकि दो सदस्यों का कहना था कि थिसिस जमा करने के योग्य है. इसलिए समिति के अध्यक्ष ने थिसिस को निरस्त कर दिया था.
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