पटना हॉस्टल कांड : CBI ने शुरू की फॉरेंसिक मैपिंग,आर्किटेक्ट की मदद से सुलझेगी नीट छात्रा की मौत की गुत्थी?
सांकेतिक तस्वीर
Patna NEET Student Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब और उलझता जा रहा है. CBI ने जांच तेज करते हुए एक बार फिर घटनास्थल का दौरा किया. इस बार टीम अपने साथ आर्किटेक्ट को भी लेकर पहुंची, जिससे मामले में नए सवाल खड़े हो गए हैं.
Patna NEET Student Death Case: बिहार की राजधानी पटना के चर्चित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट (NEET) छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब एक नया मोड़ लेता दिख रहा है.
सीबीआई की टीम इस बार अकेले नहीं, बल्कि अपने साथ एक पेशेवर आर्किटेक्ट को लेकर पहुंची. करीब दो घंटे तक हॉस्टल के कमरों और गलियारों की नापी की गई.
सीन रीकंस्ट्रक्शन से सच तक पहुंचने की कोशिश
सीबीआई की जांच टीम ने हॉस्टल के चप्पे-चप्पे की बारीकी से जांच की. आर्किटेक्ट की मौजूदगी का मकसद कमरे के ले-आउट, खिड़की की ऊंचाई और बालकनी की बनावट को वैज्ञानिक तरीके से समझना था. जांच एजेंसी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि क्या छात्रा की मौत वास्तव में वैसी ही हुई जैसा शुरूआती थ्योरी में बताया गया, या फिर इसमें कोई ‘तीसरा कोण’ भी शामिल है.
सीबीआई ने हॉस्टल के उस खास कंपार्टमेंट की गहन जांच की जहां छात्रा रहती थी. कमरे की दीवारों और दरवाजों के मूवमेंट को भी आर्किटेक्ट की मदद से मैप किया गया है ताकि सीन रीकंस्ट्रक्शन सटीक ढंग से हो सके.
वार्डन से फिर पूछताछ
जांच के दौरान सीबीआई ने हॉस्टल की वार्डन को भी तलब किया. बंद कमरे में वार्डन से करीब दो घंटे तक फिर से पूछताछ की गई. घटना वाली रात कौन अंदर आया और कौन बाहर गया, एंट्री रजिस्टर में क्या गड़बड़ियां थीं, इन सब पर सीबीआई ने शिकंजा कसा है.
मृतका के परिजनों ने शुरू से ही दावा किया है कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म (रेप) जैसी जघन्य वारदात हुई है. हालांकि, पटना पुलिस की शुरुआती जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई थी, जिसके बाद परिजनों के आक्रोश और पुलिस पर उठते सवालों को देखते हुए सरकार ने यह केस सीबीआई को सौंपा था.
पहले पुलिस, अब CBI के हाथ में जांच
पटना पुलिस कई दिनों तक अंधेरे में हाथ-पांव मारती रही, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला. अब सीबीआई ‘फॉरेंसिक मैपिंग’ और ‘आर्किटेक्चरल एनालिसिस’ का सहारा ले रही है. जांच टीम यह देख रही है कि क्या कोई बाहरी व्यक्ति बिना सीसीटीवी की नजर में आए हॉस्टल के अंदर दाखिल हो सकता था?
आर्किटेक्ट की रिपोर्ट यह तय करेगी कि कमरे की भौगोलिक स्थिति किसी बाहरी हस्तक्षेप की अनुमति देती है या नहीं. पटना पुलिस की टीम भी हॉस्टल के बाहर सुरक्षा के लिए मुस्तैद रही, लेकिन जांच का पूरा कमान अब दिल्ली से आए CBI विशेषज्ञों के पास है.
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