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रांची : दिल्ली में प्रताड़ना का शिकार हुई पहाड़िया बच्ची, वेंटिलेटर पर, रिम्स में जिंदगी और मौत से जूझ रही है

Updated at : 10 Oct 2018 7:11 AM (IST)
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रांची : दिल्ली में प्रताड़ना का शिकार हुई पहाड़िया बच्ची, वेंटिलेटर पर, रिम्स में जिंदगी और मौत से जूझ रही है

रांची : दिल्ली से रेस्क्यू कर लायी गयी गोड्डा के कुसुमघाटी निवासी नाबालिग बच्ची की स्थिति नाजुक हो गयी है. मंगलवार की सुबह उसकी स्थिति बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखकर इलाज शुरू किया गया. बच्ची को लगातार झटका आने पर न्यूरोलॉजी के विशेषज्ञ की जरूरत महसूस हुई, पर रिम्स में न्यूरोलॉजिस्ट नहीं हैं. ऐसे […]

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रांची : दिल्ली से रेस्क्यू कर लायी गयी गोड्डा के कुसुमघाटी निवासी नाबालिग बच्ची की स्थिति नाजुक हो गयी है. मंगलवार की सुबह उसकी स्थिति बिगड़ने पर उसे वेंटिलेटर पर रखकर इलाज शुरू किया गया. बच्ची को लगातार झटका आने पर न्यूरोलॉजी के विशेषज्ञ की जरूरत महसूस हुई, पर रिम्स में न्यूरोलॉजिस्ट नहीं हैं.
ऐसे में प्रबंधन ने निजी अस्पताल से न्यूरोलॉजिस्ट डॉ उज्ज्वल रॉय को बुलाया. मंगलवार शाम 4:30 बजे रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव और अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप मेडिसिन एमआइसीयू में भर्ती लड़की को दिखाने के लिए डॉ उज्ज्वल राॅय को वार्ड में लेकर गये. वहां इलाज कर रहे डॉ रॉय ने डॉ बी कुमार अौर उनके पीजी स्टूडेंट से पूरी जानकारी ली. बच्ची को जब भर्ती किया गया, तब से लेकर अब तक की स्थिति के बारे में पूछा. वहीं बच्ची को दी गयी दवा के बारे में भी जानकारी ली और इसीजी करवाया.
इसके बाद पूरी टीम निदेशक कार्यालय में बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार विमर्श किया. हालांकि, वर्तमान स्थिति में लड़की को एयर एंबुलेंस से भी भेजा नहीं जा सकता है.
रिम्स को अपने खर्च पर एयर एंबुलेंस से बाहर भेजने का आदेश
पहाड़िया जाति की लड़की की स्थिति गंभीर होने पर स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने रिम्स प्रबंधन को उसे एयर एंबुलेंस से हायर सेंटर भेजने का आदेश दिया. श्रीमती खरे ने यह आदेश रिम्स में आठ अक्तूबर को हुए बोर्ड के निर्णय के आलोक में दिया है. उन्होंने कहा है कि एयर एंबुलेंस में होनेवाला व्यय का वहन रिम्स द्वारा किया जाये. उन्होंने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया है कि इलाज में किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरती जाये.
पहाड़िया जाति के नाबालिग लड़की की स्थिति नाजुक है. फिलहाल, उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है. एयर एंबुलेंस से लेने की स्थिति में लड़की नहीं है. बाहर से न्यूरोलॉजिस्ट को बुलाकर राय ली गयी, लेकिन उन्हाेंने भी नाजुक स्थिति बतायी है. लड़की को स्टेबल करने का प्रयास किया जा रहा है.
डॉ आरके श्रीवास्तव, निदेशक रिम्स
दिल्ली में प्रताड़ना का शिकार हुई बच्ची
दिल्ली में एक परिवार के यहां यह लड़की काम करती थी. वहां उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था. जानकारी होने पर उसे दिल्ली से यहां लाया गया. उसे पहले गोड्डा में इलाज कराया गया था. इसके बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया है. झटका के कारण उसकी जीभ कट चुकी है.
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