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15वें वित्त आयोग ने लिखा पत्र, पूछा- विकास दर में गिरावट क्यों? देखें क्‍या कहते है झारखंड में विकास दर के आंकड़ें

Updated at : 07 Oct 2018 6:47 AM (IST)
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15वें वित्त आयोग ने लिखा पत्र, पूछा- विकास दर में गिरावट क्यों? देखें क्‍या कहते है झारखंड में विकास दर के आंकड़ें

शकील अख्तर रांची : 15 वें वित्त आयोग ने राज्य सरकार को पत्र लिख कर कहा है कि पिछले तीन सालों में झारखंड के इकोनामिक परफार्मेंस (आर्थिक प्रदर्शन) में गिरावट आयी है. आयोग ने सरकार से जानना चाहा है कि किन कारणों से राजनीतिक स्थिरता को बेहतर आर्थिक प्रदर्शन में नहीं बदला जा सका. आयोग […]

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शकील अख्तर
रांची : 15 वें वित्त आयोग ने राज्य सरकार को पत्र लिख कर कहा है कि पिछले तीन सालों में झारखंड के इकोनामिक परफार्मेंस (आर्थिक प्रदर्शन) में गिरावट आयी है.
आयोग ने सरकार से जानना चाहा है कि किन कारणों से राजनीतिक स्थिरता को बेहतर आर्थिक प्रदर्शन में नहीं बदला जा सका. आयोग ने सरकार से अपना विस्तृत प्रतिवेदन देने को कहा है. आयोग ने लोक उपक्रमों का लेखा-जोखा आठ साल पीछे रहने के कारण भी पूछे हैं.
राज्य ने ही उपलब्ध कराया था आंकड़ा : दो अगस्त को 15 वें वित्त आयोग के दल के साथ राज्य के अधिकारियों की रांची में बैठक हुई थी.
बैठक में झारखंड की ओर से ज्ञापन सौंपा गया था. इसमें राज्य की आर्थिक स्थिति, विकास दर सहित अन्य आंकड़े शामिल थे. आयोग ने राज्य सरकार और सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद यह नतीजा निकाला कि पिछले तीन साल में राज्य की औसत विकास दर में गिरावट आयी है. सांख्यिकी मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2012-15 के दौरान नेशनल नाॅमिनल जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की औसत विकास दर 12.6 प्रतिशत थी.
पर वित्तीय वर्ष 2017-18 तक की अवधि में यह औसत 10.4 प्रतिशत रही. यानी इस अवधि में नेशनल नाॅमिनल जीडीपी में 2.2 प्रतिशत प्वाइंट की गिरावट दर्ज की गयी.
दूसरी तरफ 2012-15 की अवधि में झारखंड का नाॅमिनल जीएसडीपी (राज्य का सकल घरेलू उत्पाद) की औसत विकास दर 13.2 प्रतिशत थी. इस अवधि में राज्य की विकास दर राष्ट्रीय औसत से अधिक थी. पर 2016-17 तक की अवधि में राज्य की नाॅमिनल जीएसडीपी ग्रोथ रेट गिर कर 7.7 हो गयी. यानी इस अवधि में राज्य की विकास दर में 5.5 प्रतिशत प्वाइंट की गिरावट दर्ज की गयी.
विकास दर की तुलना (स्रोत सांख्यिकी मंत्रालय)
नेशनल जीडीपी ग्रोथ
ग्रोथ 2012-13 2013-14 2014-15 औसत 2015-16 2016-17 2017-18 औसत
नॉमिनल ग्रोथ 13.8 13.0 11.00 12.6 10.4 10.8 10.0 10.4
रियल ग्रोथ 5.5 6.4 7.4 6.4 8.2 7.1 6.7 7.3
झारखंड का जीएसडीपी ग्रोथ
ग्रोथ 2012-13 2013-14 2014-15 औसत 2015-16 2016-17 औसत
नॉमिनल ग्रोथ 15.8 7.9 15.9 13.2 5.8 9.6 7.7
रियल ग्रोथ 8.2 1.6 12.5 7.4 5.9 7.7 6.8
आयोग गंभीर
15 वें वित्त आयोग ने सरकार को लिखे पत्र में पूछा है कि किन कारणों से 24 में 22 लोक उपक्रमों का लेखा-जोखा आठ साल तक पीछे चल रहा है. स्थानीय निकायों के सिलसिले में राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट नहीं होने के मामले को भी आयोग ने गंभीरता से लिया है. जानना चाहा है कि क्या एेसी स्थिति में 15 वें वित्त आयोग द्वारा स्थानीय निकायों को धन देने की अनुशंसा करना संवैधानिक होगा?
रियल जीएसडीपी में भी गिरावट
आंकड़ों से इस बात की जानकारी मिलती है कि 2012-15 के बीच नेशनल रियल जीडीपी ग्रोथ रेट औसत 6.44 प्रतिशत थी. वहीं, 2017-18 तक की औसत रियल जीडीपी ग्रोथ 7.3 प्रतिशत रही. हालांकि, 2016-17 तक झारखंड की औसत रियल जीएसडीपी ग्रोथ रेट 6.8 प्रतिशत दर्ज की गयी थी, जो राष्ट्रीय औसत से कम थी. पर 2012-15 तक झारखंड की यह औसत 7.4 प्रतिशत दर्ज की गयी थी, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक थी.
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