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कोलकर्मियों को मिलेगा 60,500 रुपये बोनस, बैठक में कोल इंडिया प्रबंधन की लगी मुहर

Updated at : 05 Oct 2018 7:24 PM (IST)
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कोलकर्मियों को मिलेगा 60,500 रुपये बोनस, बैठक में कोल इंडिया प्रबंधन की लगी मुहर

– गत वर्ष से 3500 रु ज्यादा मिला, अबतक का रिकॉर्ड बोनस, – 12 से पहले आयेगा कर्मियों के खाते में – कोल इंडिया पर पड़ेगा 18 सौ करोड़ का बोझ रांची/धनबाद : कोलकर्मियों को इस बार 60 हजार 500 रु बोनस मिलेगा. शुक्रवार को दिल्ली में कोल इंडिया स्ट्रेंडराइजेशन (मानकीकरण) कमेटी की बैठक में […]

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– गत वर्ष से 3500 रु ज्यादा मिला, अबतक का रिकॉर्ड बोनस,

– 12 से पहले आयेगा कर्मियों के खाते में

– कोल इंडिया पर पड़ेगा 18 सौ करोड़ का बोझ

रांची/धनबाद : कोलकर्मियों को इस बार 60 हजार 500 रु बोनस मिलेगा. शुक्रवार को दिल्ली में कोल इंडिया स्ट्रेंडराइजेशन (मानकीकरण) कमेटी की बैठक में सालाना बोनस (एक्सग्रेशिया) पर सहमति बनी. गत वर्ष के तुलना में इस बार कोलकर्मियों को 3500 रु ज्यादा बोनस मिलेगा. गत वर्ष 57 हजार रुपये बोनस मिला था.

इस साल बोनस 12 अक्तूबर से पूर्व कर्मियों के खाते में भेज दी जायेगी. कोल इंडिया के करीब दो लाख 70 हजार कर्मियों को बोनस मिलेगा. सीसीएल के करीब 38,253 तथा बीसीसीएल के करीब 46,317 कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा. सीएमपीडीआई के करीब 2438 कर्मी इसके लाभुक होंगे.

एनसीएल सीएमडी ने की अध्यक्षता

बैठक की अध्यक्षता स्ट्रेंडराइजेशन कमेटी के अध्यक्ष व एनसीएल के सीएमडी पीके सिन्हा ने की. बैठक में कोल इंडिया चेयरमैन एके झा, डीपी आरपी श्रीवास्तव, एनसीएल के सीएमडी पीके सिन्हा के अलावा कोल इंडिया की सभी अनुषांगिक कंपनी (सिर्फ सीसीएल को छोड़कर) के निदेशक कार्मिक उपस्थित थे. वहीं यूनियन से एटक के रमेंद्र कुमार, बीएमएस के डॉ बसंत कुमार राय, वाइएन सिंह, एचएमएस के नाथूलाल पांडेय और सीटू के डी रामानंदन उपस्थित थे.

कम मुनाफे का तर्क नहीं चला

बैठक में प्रबंधन ने पहले 59 हजार रुपये बोनस का ऑफर दिया. प्रबंधन का कहना था कि पिछले साल की तुलना में इस बार कोल इंडिया का मुनाफा कम है. लंच के बाद यूनियन नेताओं और प्रबंधन के बीच हुई दुबारा वार्ता में 60 हजार 500 रुपये बोनस पर सहमति बनी.

अब तक मिले बोनस

2003 : 3,300 रुपये

2004 : 3,490 रुपये

2005 : 3,600 रुपये

2006 : 5,550 रुपये

2007 : 6,000 रुपये

2008 : 8,350 रुपये

2009 : 10 हजार रुपये

2010 : 15 हजार रुपये

2011 : 21 हजार रुपये

2012 : 26,500 रुपये

2013 : 31,500 रुपये

2014 : 40 हजार रुपये

2015 : 48,500 रुपये

2016 : 54 हजार रुपये

2017 : 57 हजार रुपये

2018 : 60,500 रुपये

बोनस से आयेगी बाजार में रौनक

सालाना बोनस से कोल इंडिया के करीब तीन लाख कर्मी लाभान्वित होंगे. 60,500 रुपये के हिसाब से बोनस भुगतान करने पर कंपनी पर करीब 18 सौ करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. बोनस की घोषणा के बाद कोयलांचल के बाजारों की रौनक बढ़ गयी है. दुर्गा पूजा को अब दस दिनों का भी समय नहीं रहा. इसी बोनस पर दुर्गापूजा व दीपावली का बाजार भी निर्भर है.

बोनस संतोषजनक : लखनलाल

एटक नेता व जेबीसीसीआई सदस्य लखनलाल महतो ने बोनस के फैसले को संतोषजनक बताया. कहा कि कोल कर्मियों के बोनस के मुद्दे पर सभी चारों यूनियनों की सहमति कोयला उद्योग के लिए एक सुखद संकेत है. आगे भी श्रमिक समस्याओं पर यूनियनों की एकता कायम रहे तो हर मोर्चे पर प्रबंधन को झुकना पड़ेगा.

बोनस की राशि बढ़नी चाहिए थी : राजेंद्र सिंह

इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री व पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि बोनस की राशि और बढ़नी चाहिए थी. रिटायरकर्मियों की संख्या काफी बढ़ी है. ऐसे में प्रब‍ंधन पर बोझ भी घटेगा. कहा कि एक तरफ निजी कंपनियों को कोयला सस्ता देकर उन्हें मुनाफा दिया जा रहा है, वहीं बोनस के सवाल पर कोल इंडिया घाटा का रोना रोती है.

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