JSSC सहायक आचार्य भर्ती: चयन प्रक्रिया पर सवाल, झारखंड हाईकोर्ट ने पूछा- किस आधार पर किया नॉर्मलाइजेशन?

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JSSC Teacher Case

झारखंड हाईकोर्ट

JSSC Teacher Case: झारखंड में सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा पर संकट के बादल छाए हैं. नॉर्मलाइजेशन में ‘खेल’ के आरोपों पर झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी (JSSC) को तलब किया है. ज्यादा अंक पाकर भी अभ्यर्थी फेल क्यों हुए? क्या आयोग की प्रक्रिया वैज्ञानिक है? जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने आयोग से मांगा है पूरा ब्योरा.

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JSSC Teacher Case, रांची (राणा प्रताप): झारखंड हाईकोर्ट ने सहायक आचार्य प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के नॉर्मलाइजेशन को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि आयोग को नॉर्मलाइजेशन की अपनी पूरी प्रक्रिया और वैज्ञानिक आधार का डिटेल्स प्रस्तुत करना होगा.

ज्यादा अंक पाकर भी फेल हुए अभ्यर्थी

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया में भारी विसंगतियां हैं. आरोप लगाया गया कि कई ऐसे अभ्यर्थी हैं जिनके अंक अधिक होने के बावजूद उन्हें असफल घोषित कर दिया गया, जबकि कम अंक वाले उम्मीदवार सफल हो गए. इस विसंगति ने पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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पारदर्शिता और वैज्ञानिक आधार की मांग

अभ्यर्थियों का तर्क है कि जेएसएससी द्वारा अपनाई गई नॉर्मलाइजेशन की पद्धति पारदर्शी नहीं है. इससे योग्य और प्रतिभावान उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है. उन्होंने अदालत से गुहार लगाई है कि आयोग को एक स्पष्ट, पारदर्शी और वैज्ञानिक आधार पर नॉर्मलाइजेशन लागू करने का निर्देश दिया जाए, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ भेदभाव न हो.

13 मई को होगी निर्णायक सुनवाई

अदालत ने फिलहाल सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जेएसएससी को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई 13 मई 2026 को निर्धारित की गई है. इस सुनवाई में आयोग के जवाब के बाद ही तय होगा कि परीक्षा का परिणाम बरकरार रहेगा या इसमें कोई बड़ा बदलाव होगा. हजारों शिक्षकों के पदों से जुड़ी इस भर्ती पर अब पूरे राज्य के अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हुई हैं.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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