आयुष्मान भारत : बेड पर ही हो जायेगी लाभुकों की पहचान

Updated at : 05 Oct 2018 9:39 AM (IST)
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आयुष्मान भारत : बेड पर ही हो जायेगी लाभुकों की पहचान

अक्षम मरीजों की सहूलियत के लिए नयी व्यवस्था करेगा रिम्स प्रबंधन रांची : रिम्स में भर्ती ‘आयुष्मान भारत’ योजना के लाभुकों के लिए राहत भरी खबर है. रिम्स प्रबंधन जल्द ही ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है, जिसके तहत यहां भर्ती आयुष्मान भारत के लाभुक मरीज की पहचान उसके बेड पर ही की जा सकेगी. […]

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अक्षम मरीजों की सहूलियत के लिए नयी व्यवस्था करेगा रिम्स प्रबंधन
रांची : रिम्स में भर्ती ‘आयुष्मान भारत’ योजना के लाभुकों के लिए राहत भरी खबर है. रिम्स प्रबंधन जल्द ही ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है, जिसके तहत यहां भर्ती आयुष्मान भारत के लाभुक मरीज की पहचान उसके बेड पर ही की जा सकेगी. इसके लिए संबंधित बीमा कंपनी से मशीन और टेक्नीशियन की मांग की गयी है, जो जल्द ही उपलब्ध हो जायेंगे. इस पूरी प्रक्रिया पर अंतिम निर्णय जल्द ही ले लिया जायेगा.
रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि रिम्स में िवभिन्न विभागों के वार्डों में कई ऐसे गंभीर मरीज भर्ती होते हैं, जिनके लिए चलना-फिरना मुश्किल होता है. ऐसी परिस्थिति में मशीन उनके बेड पर ही ले जाया जायेगा. इसके अलावा बीमा कंपनी की ओर से एक टेक्नीशियन उपलब्ध कराया जायेगा, जो आयुष्मान भारत योजना की वेबसाइट में आ रही परेशानियों को तत्काल दूर करने में सक्षम होगा.
जल्द तय होगा आयुष्मान भारत
के तहत होनेवाली सर्जरी का रेट
रिम्स प्रबंधन जल्द ही बैठक कर ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत होनेवाली सर्जरी का रेट तय करेगा. बैठक में इंश्योरेंस कंपनी के भी प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. रिम्स प्रबंधन ने बताया कि सर्जरी का रेट सरकार अपने स्तर से इंश्योरेंस कंपनी से वसूलेगी, इसके बाद रिम्स को देगी. साथ ही आयुष्मान भारत के तहत जो भी मरीज भर्ती होंगे, उनका इलाज पेइंग वार्ड में होगा. खाना-पीने भी मिलेगा लेकिन, इसका रेट रिम्स प्रबंधन क्लेम करेगा, जिसका भुगतान बीमा कंपनी द्वारा किया जायेगा.
दलालों से बचने के लिए रिम्स में लगा नोटिस
रिम्स में दलालों से बचने के लिए सभी जगहों पर नोटिस लगाया गया है. रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि दलाल भोलेभाले लोगों से इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूल लेते हैं. इसकी शिकायत तो मिलती है, पर दलाल पकड़ में नहीं आते हैं. इससे बचने के लिए लोगों को खुद जागरूक होना होगा. लोग इलाज और जांच का पैसा काउंटर पर ही दें और रसीद जरूर लें. किसी तरह की परेशानी होने पर अधीक्षक और उपाधीक्षक से मिलें.
रिम्स ने 12 घंटे में ही दे दिया स्पष्टीकरण
रांची : रिम्स के न्यूरो सर्जरी वार्ड में भर्ती बेरमो निवासी अशोक चौधरी के परिजन से डॉक्टरों ने 50 हजार रुपये का इंप्लांट खरीद कर लाने को कहा था. जबकि वे आयुष्मान भारत के लाभुक हैं और उनके पास गोल्डेन कार्ड मौजूद थे. इस मामले को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है. मंत्रालय ने झारखंड स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से रिम्स प्रबंधन से इस मामले में 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा था. रिम्स प्रबंधन ने 12 घंटे में ही अपना जवाब मंत्रालय को दे दिया है. रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव ने बताया कि मीडिया में छपी खबर के आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग ने लिखित में स्पष्टीकरण मांगा था, जिसका जवाब भेज दिया गया है.
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