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रांची : लेवी मांगने की शिकायत मिलने के बाद भी कांके थानेदार ने नहीं की थी कार्रवाई

Updated at : 05 Oct 2018 9:36 AM (IST)
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रांची : लेवी मांगने की शिकायत मिलने के बाद भी कांके थानेदार ने नहीं की थी कार्रवाई

हिंदूकुश कंस्ट्रक्शन कंपनी की साइट पर लेवी नहीं मिलने पर हमला का मामला रांची/कांके : कांके थाना क्षेत्र के मनातू स्थित हिंदूकुश कंस्ट्रक्शन कंपनी की साइट पर हमले की जानकारी कांके थाना प्रभारी राजीव रंजन को पहले से थी. कंपनी को जब पूर्व में पीएलएफआइ के नाम लेवी के लिए पर्चा भेजा गया था, तब […]

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हिंदूकुश कंस्ट्रक्शन कंपनी की साइट पर लेवी नहीं मिलने पर हमला का मामला
रांची/कांके : कांके थाना क्षेत्र के मनातू स्थित हिंदूकुश कंस्ट्रक्शन कंपनी की साइट पर हमले की जानकारी कांके थाना प्रभारी राजीव रंजन को पहले से थी. कंपनी को जब पूर्व में पीएलएफआइ के नाम लेवी के लिए पर्चा भेजा गया था, तब इसकी लिखित जानकारी कांके थानेदार से कंपनी के साइट इंचार्ज भूपेश चंद्र दास ने की थी. उन्होंने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की मांग भी की थी, लेकिन इस दिशा में थानेदार ने कोई कार्रवाई नहीं की.
भूपेश ने पुलिस को बताया था कि लेवी की रकम नहीं देने पर हत्या और हमला की चेतावनी दी गयी है. लेवी की रकम पहुंचाने के लिए जल्द से जल्द संपर्क करने को कहा गया है. शिकायत को लेकर पूर्व में पूछे जाने पर कांके थानेदार ने कहा था कि कंपनी में पूर्व में हुए हमले के बाद वहां सुरक्षा में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, लेकिन देवघर श्रावणी मेला की ड्यूटी के दौरान पुलिस बल की कमी के कारण सुरक्षा में तैनात जवानों को देवघर ड्यूटी में भेज दिया गया था. अगर पुलिस ने पूर्व में शिकायत के आधार पर कार्रवाई की होती, तब शायद यह घटना नहीं घटती़
कांके थानेदार पर शुरू से लगते
रहे हैं लापरवाही के आरोप
कांके थाना क्षेत्र में पूर्व में कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिसमें ग्रामीण कांके थाना प्रभारी राजीव रंजन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाते रहे हैं. कांके के बुकरू में तीन मई को व्यवसायी मनोज साहू की पत्थर से कूच कर हत्या कर दी गयी. उन्होंने पूर्व में विवाद की जानकारी कांके थाने में लिखित रूप से की थी, लेकिन मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसी तरह विक्की जायसवाल उर्फ ऋषि रंजन पर नगड़ी स्थित जमीन को लेकर 28 मई को हमला था. उसने भी घटना की जानकारी पूर्व में कांके थाना पुलिस को दी थी. पर पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की. दो जून को कांके थाना क्षेत्र के जयपुर गांव निवासी जन्नत हुसैन पर फायरिंग कर उसका अपहरण कर लिया गया, तब भी पुलिस ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया था.बाद में जब जन्नत हुसैन का शव बरामद हुआ, तब पुलिस मामले में गंभीर हुई.
कांके में कहीं अपना केंद्र तो नहीं बना रहे पीएलएफआइ उग्रवादी?
कांके थाना क्षेत्र में पूर्व के वर्षों में पीएलएफआइ के उग्रवादियों की गतिविधि होने की बात सामने नहीं आयी है. पर जिस तरीके से हिंदूकुश कंस्ट्रक्शन कंपनी के साइट पर लेवी नहीं मिलने पर हमला किया गया, उससे पीएलएफआइ के उग्रवादियों की संलिप्तता से इनकार भी नहीं किया जा सकता है. हाल के दिनों में तुपुदाना इलाके में पीएलएफआइ के उग्रवादियों के साथ पुलिस के दो एनकाउंटर हो चुके हैं. तुपुदाना ओपी इलाके में उग्रवादियों की सक्रियता की बात सामने आ चुकी है. नगड़ी में पीएलएफआइ के उग्रवादी कुछ माह पूर्व लेवी नहीं मिलने पर एक इंजीनियर और मुंशी की हत्या कर चुके हैं. कहीं ऐसा तो नहीं कि कांके और आस-पास के इलाके में पत्थर के कारोबारियों से लेवी वसूलने के लिए पीएलएफआइ के उग्रवादी यहां अपना केंद्र बना रहे हैं. हालांकि जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि हमले की पीछे किसका हाथ रहा़
घटना में पीएलएफआइ की संभावना हो सकती है. पुलिस मामले में विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है. घटना में जो भी शामिल होंगे, पुलिस उनकी पहचान कर मामले में कार्रवाई करेगी.
अनीश गुप्ता, एसएसपी रांची
कंपनी के लोगों ने ग्रामीणों को फंसाने के लिए खुद दिया घटना को अंजाम
मनातू की महिलाओं ने कांके थाना प्रभारी व एसएसपी को दिया आवेदन
कांके. मनातू स्थित हिंदूकुश कंस्ट्रक्शन में आगजनी और फायरिंग की घटना को लेकर गांव की दर्जनों महिलाओं ने गुरुवार को कांके थाना प्रभारी, एसएसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों को आवेदन दिया है. महिलाओं ने पुलिस अधिकारियों को बताया है कि तीन अक्तूबर को हिंदूकुश कंस्ट्रक्शन में घटी घटना पूरी तरह फर्जी है. क्रशर संचालकों ने षड्यंत्र के तहत ग्रामीणों व रैयतों को फंसाने के उद्देश्य से खुद घटना को अंजाम दिया है.
गांव के पहाड़ पर एक तरफ हिंदूकुश क्रशर व दूसरी तरफ डॉल्फिन नामक फर्जी कंपनी बनाकर लोग माइनिंग का काम कर रहे हैं. कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों ने यहां जाने वाले रास्ते को खोदकर बंद कर दिया था. इससे गुस्साये संचालकों ने ग्रामीणों को झूठे मुकदमे में फंसाने को लेकर यह खेल रचा. इसमें कई रसूखदार लोग भी शामिल हैं. ग्रामीणों की मदद शशि सिंह कर रहा है. इन्हें भी कई मुकदमों में पूर्व में फंसाया गया है. यह सारा खेल वर्ष 2013 से ही चल रहा है. पहाड़ में स्थित क्रशर से ग्रामीणों का जनजीवन बेहाल है. विस्फोट से उड़ने वाले पत्थर से गांव के घरों व खेतों को भारी क्षति पहुंच रही है. ग्रामीणों ने संजय कौशिक, राजन कुमार व भूपेश कुमार को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की मांग की.
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