रांची : परिग्रह दुख की सबसे बड़ी वजह

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 Sep 2018 12:23 AM

विज्ञापन

रांची : पर्यूषण पर्व के नौवें दिन शनिवार को आचार्य सुबल सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ममत्व के परित्याग को आकिंचन्य कहते हैं. आकिंचन्य का अर्थ हाेता है, मेरा कुछ भी नहीं है. उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य वस्तु के स्वभाव को नहीं समझ पायेगा, तब तक ममत्व से छुटकारा […]

विज्ञापन
रांची : पर्यूषण पर्व के नौवें दिन शनिवार को आचार्य सुबल सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ममत्व के परित्याग को आकिंचन्य कहते हैं. आकिंचन्य का अर्थ हाेता है, मेरा कुछ भी नहीं है.
उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य वस्तु के स्वभाव को नहीं समझ पायेगा, तब तक ममत्व से छुटकारा नहीं मिल पायेगा. न कुछ तेरा है, न कुछ मेरा है, ये सब केवल रैन बसेरा है. परिग्रह ही दुख का कारण है. इससे पूर्व प्रातः पांच बजे ध्यान, साढ़े पांच बजे से अभिषेक व धार्मिक अनुष्ठान के साथ इसकी शुरुआत हुई. अभिषेक के पश्चात नित्य नियम पूजन, मंडल विधान पूजन के साथ उत्तम तप धर्म पर विशेष पूजा-अर्चना की गयी. शाम में सामूहिक आरती के बाद भिंड से आये पंडित जय कुमार जी शास्त्री ने उत्तम तप धर्म पर प्रकाश डाला और रात में 8:30 बजे से जैन युवा जागृति द्वारा भक्ति का गुलदस्ता नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
अनंत चतुर्दशी पर आज निकलेगी शोभायात्रा : रांची. पर्यूषण पर्व की समाप्ति व अनंत चतुर्दशी के अवसर पर रविवार को जैन मंदिर से शोभायात्रा निकाली जायेगी.
इसकी सभी तैयारी पूरी कर ली गयी है. भगवान को रथ पर विराजमान कर गाजे-बाजे व जयकारे के साथ यह शोभायात्रा निकलेगी. इससे पूर्व विधिवत पूजा-अर्चना की जायेगी. इसमें काफी संख्या में भक्त शामिल होंगे .
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola