रांची : नियमावली की अनदेखी कर की कॉलेज की मान्यता की अनुशंसा

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रांची : स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा प्रस्वीकृति नियमावली की अनदेखी कर कॉलेज की सशर्त मान्यता की अनुशंसा करने पर नाराजगी जतायी है. इस मामले में विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि जैक द्वारा महेंद्र प्रसाद महिला महाविद्यालय की प्रस्वीकृति की अनुशंसा […]

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रांची : स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा प्रस्वीकृति नियमावली की अनदेखी कर कॉलेज की सशर्त मान्यता की अनुशंसा करने पर नाराजगी जतायी है.
इस मामले में विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि जैक द्वारा महेंद्र प्रसाद महिला महाविद्यालय की प्रस्वीकृति की अनुशंसा तय नियमावली की अनदेखी कर क्यों की गयी है. जैक द्वारा इस तरह की अनुशंसा से गलत कार्य की प्रवृत्ति बढ़ती है.
जैक द्वारा अगर पूर्व में इस तरह और कॉलेजों की प्रस्वीकृति की अनुशंसा की गयी हो, तो इस पर भी पुनर्विचार किया जाये. शिक्षा सचिव ने इस मामले में माध्यमिक शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया है कि अगर निदेशालय स्तर पर इस तरह का काेई और प्रस्ताव लंबित हो, तो उसे रद्द किया जाये.
पूर्व में अगर नियम के विरुद्ध किसी कॉलेज को मान्यता दी गयी है, तो उसे नोटिस देकर 60 दिनों के अंदर कार्रवाई करने को कहा गया है. ऐसे मामलों के निष्पादन के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को जैक के सचिव के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया है.
क्या है मामला
झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने महेंद्र प्रसाद महिला महाविद्यालय की प्रस्वीकृति की अनुशंसा स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग से की थी. जैक ने छात्र हित में नियमावली में जमीन की शर्त में कुछ छूट देते हुए कॉलेज को मान्यता देने का आग्रह विभाग से किया था, जिस पर शिक्षा मंत्री ने नाराजगी जतायी थी. प्रावधान के अनुरूप कॉलेज को स्थायी प्रस्वीकृति के लिए एक एकड़ जमीन की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में कॉलेज के पास 58 डिसमिल जमीन ही है.
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