रांची : एडवेंचर टूरिज्म के लिए बंद खदानों का करें इस्तेमाल
Updated at : 08 Aug 2018 9:40 AM (IST)
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राज्यसभा में सरकार ने दी जानकारी रांची : झारखंड से राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने मुख्यमंत्री रघुवर दास, कोल इंडिया और राज्य में कार्यरत उसकी अधीनस्थ इकाईयों से बंद पड़ी भूमिगत कोयला खानों का इस्तेमाल एडवेंचर टूरिज्म के लिए करने का आग्रह किया है. श्री पोद्दार ने अतारांकित प्रश्न के जरिये यह मामला मंगलवार को […]
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राज्यसभा में सरकार ने दी जानकारी
रांची : झारखंड से राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने मुख्यमंत्री रघुवर दास, कोल इंडिया और राज्य में कार्यरत उसकी अधीनस्थ इकाईयों से बंद पड़ी भूमिगत कोयला खानों का इस्तेमाल एडवेंचर टूरिज्म के लिए करने का आग्रह किया है.
श्री पोद्दार ने अतारांकित प्रश्न के जरिये यह मामला मंगलवार को राज्यसभा में भी उठाया. इसका जवाब देते हुए केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) केजे अल्फोंस ने बताया कि रोमांचकारी पर्यटन के तौर पर खानों की यात्रा सहित पर्यटन का विकास एवं संवर्धन राज्य सरकारों और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों का दायित्व है. हालांकि मंत्री श्री अल्फोंस ने यह भरोसा जरूर दिलाया कि पर्यटन मंत्रालय संबंधित योजनाओं के तहत राज्य सरकार अथवा केंद्रीय एजेंसियों को जरूरत के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान कर सकता है.
श्री पोद्दार ने कहा कि संसद में उन्हें उपलब्ध कराये गये उत्तर के मुताबिक वर्ष 2018 को भारतीय रोमांचकारी वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है.
झारखंड की भूमिगत कोयला खदानें दुनिया भर के लोगों के लिए कौतूहल और आकर्षण का केंद्र रही हैं. यदि इन बंद कोयला खदानों को पूर्णतः सुरक्षित बनाकर कुछ जरूरी सुविधाओं के साथ पर्यटकों के लिए खोल दिया जाये, तो उन्हें भरोसा है कि देश और दुनिया के पर्यटक इस ओर आकर्षित होंगे. इससे कोलियरी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि राज्यसभा में सरकार के उत्तर से स्पष्ट है कि इस योजना को अमलीजामा पहनाना राज्य सरकार और कोल इंडिया का ही दायित्व है, इसलिए राज्य सरकार और कोल इंडिया को इसकी पहल करनी चाहिए.
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