रांची : घुसपैठियों के नाम पर वर्ग विशेष को तंग नहीं करने देंगे : झाविमो

Updated at : 06 Aug 2018 8:07 AM (IST)
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रांची : घुसपैठियों के नाम पर वर्ग विशेष को तंग नहीं करने देंगे : झाविमो

झाविमो कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का समापन आगामी कार्यक्रम तय पार्टी ने सकंल्प पत्र भी जारी किया रांची : झाविमो कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का समापन रविवार को हो गया. दो दिनों तक मंथन कर पार्टी के आगामी कार्यक्रम निर्धारित किये गये. कार्यसमिति सदस्यों ने मौजूदा राजनीतिक समीकरण को देखते हुए गठबंधन की […]

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झाविमो कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का समापन
आगामी कार्यक्रम तय पार्टी ने सकंल्प पत्र भी जारी किया
रांची : झाविमो कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का समापन रविवार को हो गया. दो दिनों तक मंथन कर पार्टी के आगामी कार्यक्रम निर्धारित किये गये. कार्यसमिति सदस्यों ने मौजूदा राजनीतिक समीकरण को देखते हुए गठबंधन की आवश्यकता पर बल दिया. गठबंधन के लिए झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को अधिकृत किया गया. बैठक में पार्टी का संकल्प पत्र भी जारी किया गया.
जनता के बीच पोल खोल के माध्यम से सरकार के अनैतिक कृत्यों को जनता के बीच रखने का निर्णय लिया गया. झाविमो के छह विधायकों की खरीद-फरोख्त की सीबीआइ जांच और दलबदलू विधायकों की सदस्यता निलंबित करने की मांग की गयी. कहा गया कि झाविमो देश से घुसपैठियों को बाहर करने की पक्षधर हैं. लेकिन, घुसपैठिये के नाम पर किसी खास वर्ग को तंग नहीं करने की विरोधी भी है.
किसी भी वर्ग विशेष को घुसपैठिया के नाम पर प्रताड़ित नहीं होने दिया जायेगा. झाविमो विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि 2005 से 2013 तक तत्कालीन यूपीए सरकार ने 82 हजार घुसपैठियों को देश से निकाला था. वहीं, भाजपा सरकार पिछले चार वर्षों में 1828 घुसपैठियों को ही निकाल सकी है. लोकसभा में दी गयी इस जानकारी से यह स्पष्ट है कि भाजपा घुसपैठिया निकालने की बात देशहित में नहीं, केवल अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए कर रही है.
गठबंधन के लिए बाबूलाल मरांडी को अधिकृत किया गया
कॉरपोरेट घरानों के लिए काम कर रही भाजपा सरकार
झाविमो नेताओं ने भाजपा सरकार पर केवल कॉरपोरेट घरानों के लिए काम करने का आरोप लगाया. कहा कि सरकार के विरोध में उठने वाली आवाज दबाने के लिए लोकतंत्र की सीमाओं को लांघा जा रहा है. कहा गया कि झारखंड में मूलवासियों और खतियानी रैयतों की पहचान कर उनका हक दिलाने की जरूरत है. लेकिन, रघुवर सरकार ने स्थानीयता की परिभाषा गढ़ मूलवासियों को हक और अधिकार से वंचित कर दिया. झाविमो स्थानीयता को फिर से परिभाषित करते हुए जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग करती है.
दुर्गापूजा से पहले संगठन का चुनाव कराने का निर्देश
बैठक में दुर्गापूजा से पहले सभी ग्राम, मोहल्ला-टोला प्रमुख व बूथ प्रमुख का चुनाव करने के निर्देश दिये गये. दुर्गापूजा के बाद सभी प्रखंडों व विधानसभाओं में पार्टी का सम्मेलन आयोजित करने का फैसला लिया गया. बैठक में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, सबा अहमद, नीलम देवी, मिस्त्री सोरेन, रमेश राही, अभय सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, सरोज सिंह, संतोष कुमार, शोभा यादव, सुरेश साव, तौहिद आलम समेत अन्य राज्य के विभिन्न हिस्सों से आये झाविमो के पदाधिकारी व नेता शामिल थे.
कार्यसमिति में तय किये गये कार्यक्रम
16 अगस्त से : हल्ला बोल-पोल खोल, चोर मचाये शोर यात्रा की गिरिडीह से शुरुआत 19 अगस्त : रांची में आदिवासी सम्मेलन 28 अगस्त : हजारीबाग में सम्मेलन 29 अगस्त : कोडरमा में सम्मेलन 23 सितंबर : पलामू लोकसभा सम्मेलन 01 अक्तूबर : दिल्ली में झारखंड सम्मेलन
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