राज्य के वित्तरहित कॉलेजों को अनुदान देने का रास्ता साफ
31 Jul, 2018 1:17 am
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रांची : झारखंड राज्य में अवस्थित स्थायी संबद्धता प्राप्त स्नातक स्तरीय कॉलेजों को अनुदान देने का रास्ता साफ हो गया है. राज्य वित्त रहित शैक्षणिक संस्थान (अनुदान) अधिनियम 2004 तथा संशोधित अधिनियम 2007 के प्रावधानों के अध्याय-दो की धारा-तीन के तहत पात्रता रखनेवाले कॉलेजों को अनुदान मिलेगा. उच्च शिक्षा निदेशक अबू इमरान ने बताया है […]
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रांची : झारखंड राज्य में अवस्थित स्थायी संबद्धता प्राप्त स्नातक स्तरीय कॉलेजों को अनुदान देने का रास्ता साफ हो गया है. राज्य वित्त रहित शैक्षणिक संस्थान (अनुदान) अधिनियम 2004 तथा संशोधित अधिनियम 2007 के प्रावधानों के अध्याय-दो की धारा-तीन के तहत पात्रता रखनेवाले कॉलेजों को अनुदान मिलेगा.
उच्च शिक्षा निदेशक अबू इमरान ने बताया है कि संबंधित विवि अपने कॉलेज द्वारा शैक्षणिक सत्र 2018-19 के तहत अनुदान प्राप्त करने के लिए आवेदन 24 सितंबर 2018 तक जमा कर सकते हैं. इसके लिए संबंधित कॉलेज को विहत प्रपत्र में आवेदन (सभी वांछित अभिलेख के साथ) संबंधित विवि में 25 अगस्त 2018 तक हर हाल में जमा कर देना है.
निदेशक ने विवि प्रशासन को निर्देश दिया है कि 25 अगस्त 2018 के बाद किसी भी हाल में कॉलेजों का आवेदन स्वीकार नहीं करेंगे. निदेशक ने बताया कि नये नियम के अनुसार वैसे कॉलेज ही अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो राज्य सरकार के विधिनुकुल स्थापित हो तथा विवि में स्थायी रूप से संबद्ध हो. इसके अलावा पंजीकृत सोसाइटी या न्यास द्वारा संचालित हो या प्रथम अनुदान प्राप्ति के बाद वाले वित्तीय वर्ष तक पंजीकृत सोसाइटी या ट्रस्ट द्वारा संचालित होने लगे.
कॉलेज का शासी निकाय विधिवत गठित हो. यूजीसी के तहत दो एफ में पंजीकृत हो और अनुदान प्राप्ति के चार वर्षों के अंदर पंजीकृत हो. निदेशक ने बताया है कि अन्य शर्तों के अलावा वित्तीय वर्ष 2017-18 में मिली राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करना होगा. प्रमाण पत्र नहीं मिलने की स्थिति में सत्र 2018-19 के लिए राशि नहीं मिलेगी. विवि कॉलेज द्वारा समर्पित अभिलेख की जांच व आवेदन पत्र की सत्यता की जांच कर 24 सितंबर 2018 तक उच्च शिक्षा विभाग में अनिवार्य रूप से जमा करा देंगे.
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