रिम्स में कई महंगी दवाएं भी मुफ्त मिलेंगी

Updated at : 28 Jul 2018 3:53 AM (IST)
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रिम्स में कई महंगी दवाएं भी मुफ्त मिलेंगी

सराहनीय. रिम्स प्रबंधन की समीक्षा बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण फैसला रांची : ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिसके तहत बाजार में मिलने वाली कई महंगी दवाएं भी मरीजों को रिम्स में ही मुफ्त में मिल जायेंगी. रिम्स प्रबंधन उन दवाओं की सूची तैयार करायेगा, जिन्हें अक्सर ओपीडी के डॉक्टर बाजार से खरीदने का […]

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सराहनीय. रिम्स प्रबंधन की समीक्षा बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण फैसला

रांची : ऐसी व्यवस्था की जा रही है, जिसके तहत बाजार में मिलने वाली कई महंगी दवाएं भी मरीजों को रिम्स में ही मुफ्त में मिल जायेंगी. रिम्स प्रबंधन उन दवाओं की सूची तैयार करायेगा, जिन्हें अक्सर ओपीडी के डॉक्टर बाजार से खरीदने का परामर्श मरीजों को देते हैं. सूची के आधार पर दवाओं की खरीद के लिए निविदा निकाली जायेगी. यह निर्णय शुक्रवार को अपर निदेशक(प्रशासन) हर्ष मंगला, रिम्स निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव और अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप के साथ हुई संयुक्त बैठक में लिया गया.
रिम्स प्रबंधन का मानना है कि इस व्यवस्था से ओपीडी में आनेवाले आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को काफी फायदा होगा. दवाओं की सूची तैयार करने का जिम्मा मेडिकल अफसर (स्टोर) को दिया गया है. वहीं सभी स्टाफ नर्स को भी बाजार में मिलने वाली दवाओं की सूची तैयार करने काे कहा गया है. तैयार सूची का अध्ययन करने के लिए एक बार फिर सोमवार को रिम्स प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक होगी.
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
बैठक में स्वीकृत भवन और सड़क निर्माण की कार्य प्रगति पर भी चर्चा हुई. इसकी विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर देने को कहा गया है. इसके अलावा बेसमेंट में सीपेज प्वाइंट की पहचान कर उसकी मरम्मत करने का भी निर्देश दिया गया है. मरम्मत में आनेवाले खर्च का प्राक्कलन तैयार करने को कहा गया है. रिम्स परिसर में सुरक्षा को बेहतर करने के लिए सैप के जवानों की संख्या को बढ़ाने पर सैप प्रभारी के साथ विचार विमर्श करने का निर्णय लिया गया. वहीं, अस्पताल परिसर में 10 स्थानों पर जल्द से जल्द वाटर कूलर लगाने पर भी सहमति बनी. इसके अलावा सफाई के लिए 10 स्थानों का चुनाव कर वहां डस्टबिन रखने काे कहा गया.
बीमारी के हिसाब से मरीजों के लिए खाना तय करें डायटिशियन, नहीं तो कार्रवाई की जायेगी
बैठक के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिये जानेवाले भोजन की गुणवत्ता पर भी चर्चा की गयी. कहा गया कि मरीजों को हर हाल में उनकी बीमारी के हिसाब से ही भोजन दिया जाये. डायटिशियन की जिम्मेदारी है कि वह प्रतिदिन वार्ड में डाॅक्टर और नर्स से मिलकर तय करें कि किस मरीज को किस प्रकार का भोजन देना है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो डायटिशियन पर कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा किचेन कमेटी को निरीक्षण के दौरान तैयार की गयी रिपोर्ट को जमा करने को कहा गया है.
ऐसे में कैसे मिलेगी निजी अस्पतालों जैसी सुविधा
रांची. रिम्स के पेइंग वार्ड में शुक्रवार को पहला मरीज भर्ती हुआ. जमशेदपुर निवासी हृदय रोगी को रिम्स के कार्डियोलॉजिस्ट की देखरेख में पेईंग वार्ड में कमरा नंबर-1 में भर्ती किया गया है. लेकिन, बाथरूम का प्रयोग करने पर पानी बहना शुरू हो गया. पानी का रिसाव होने के कारण कमरा गंदा होने लगा. परिजनों ने इसकी शिकायत तैनात निजी सुरक्षाकर्मियों से की. सुरक्षाकर्मी ने इसकी जानकारी रिम्स प्रबंधन को करायी. परिजनों का कहना था कि भले ही थोड़ा ज्यादा पैसा ले लिया जाये, लेकिन व्यवस्था में सुधार होना चाहिए. वहीं, रिम्स प्रबंधन का कहना है कि पेइंग वार्ड का उपयोग शुरू हो गया है. छोटी-मोटी खामियां हैं, जिन्हें जल्द दूर कर लिया जायेगा. मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जायेगी.
बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि मरीज को ओपीडी में जो दवाएं बाहर से लिखी जाती हैं, उसकी सूची तैयार की जाये. ये दवाएं भी मरीजों को मुफ्त में मुहैया करायी जायेंगी. दवाओं की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी मेडिकल अफसर को दी गयी है.
डॉ आरके श्रीवास्तव, निदेशक रिम्स
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