रांची : झारखंड में जमीन से जुड़ी समस्याएं अधिक : इंदरजीत

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Jul 2018 6:53 AM

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कोल ब्लॉक से जुड़ी जमीन की समस्या को ग्रामीणों को विश्वास में लेकर सुलझाएं : मुख्य सचिव रांची : केंद्रीय कोयला सचिव इंदरजीत सिंह ने कहा कि झारखंड के राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा कोयला के उत्पादन से आता है. यह देश के लिए भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि कोल कंपनियों ने बताया कि […]

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कोल ब्लॉक से जुड़ी जमीन की समस्या को ग्रामीणों को विश्वास में लेकर सुलझाएं : मुख्य सचिव
रांची : केंद्रीय कोयला सचिव इंदरजीत सिंह ने कहा कि झारखंड के राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा कोयला के उत्पादन से आता है. यह देश के लिए भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि कोल कंपनियों ने बताया कि यहां भूमि से जुड़ी समस्या सबसे अधिक है. फॉरेस्ट क्लीयरेंस और विधि व्यवस्था की भी समस्या है. इससे काफी नुकसान हो रहा है.
ऐसे में अधिकारी संबंधित संचिकाअों के निष्पादन में तेजी लायें. केंद्रीय सचिव ने कहा कि राजस्व विभाग और वन विभाग समन्वय बनाकर मामलों का त्वरित निष्पादन करे. उन्होंने खनन में जीरो टॉलरेंस की रणनीति अपनाने को कहा. कोयला सचिव सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में झारखंड में कोयला खनन, ढुलाई आदि में आ रही समस्याओं के समाधान को लेकर राज्य के अफसरों के साथ बैठक कर रहे थे.
बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी के नेतृत्व में राज्य के आला अधिकारियों ने गहन मंथन किया. बैठक में भू-राजस्व सचिव केके सोन ने भूमि से जुड़ी समस्याओं पर बिंदुवार स्थिति बतायी. उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर इन समस्याओं को समय सीमा के अंदर निबटाया जा रहा है.
मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्व सचिव कुछ अधिकारियों को मौके पर भेज कर विवादित जमीन के मामलों का त्वरित निष्पादन करायें. उन्होंने संबंधित जिलों के उपायुक्तों को भूमि विवाद के मामलों पर रैयतों को विश्वास में लेने का निर्देश दिया. जन प्रतिनिधियों को भी समस्या के समाधान में सहभागी बनायें.
नियमानुसार मामलों का किया जा रहा है निबटारा : फॉरेस्ट क्लीयरेंस के संबंध में पीसीसीएफ ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार मामलों का निबटारा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कुछ कोल कंपनियां ही मामले में देरी कर रही हैं. गृह सचिव एसकेजी रहाटे ने बताया कि विधि व्यवस्था के संधारण के लिए जिला टास्क फोर्स का गठन किया गया है.
पुलिस गंभीर है. कोल कंपनियों के कर्ता-धर्ता पुलिस से समन्वय बनाकर रखें.विधि व्यवस्था के मामले में एडीजी आरके मल्लिक ने कहा कि छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें, तो विधि व्यवस्था की कोई बड़ी समस्या नहीं है. मुख्य सचिव ने टास्क फोर्स को और मजबूत बनाने का निर्देश दिया.
सड़क के लिए जमीन का मामला उठाया : बैठक में सीसीएल के सीएमडी गोपाल सिंह ने लातेहार और चतरा में कोयला खदान से रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए सड़क की जमीन का मामला उठाया.
बीसीसीएल के अधिकारियों ने झरिया मास्टर प्लान के क्रियान्वयन में आ रही समस्या का मामला केंद्रीय सचिव के समक्ष रखा. इसीएल के अधिकारियों ने राजमहल में अतिरिक्त जमीन लेने में हो रही देरी का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि जमीन नहीं मिली तो उत्पादन रुक जायेगा. मुख्य सचिव ने गोड्डा के उपायुक्त को निर्देश दिया कि वह इसीएल के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर मामले को सुलझायें. केंद्रीय कोयला सचिव ने केंद्र से एक अधिकारी को राजमहल भेजने का निर्देश दिया.
एनटीपीसी पर नाराजगी जतायी : केंद्रीय सचिव ने अलग-अलग कंपनियों को मिले कोल ब्लॉक की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी एनटीपीसी अपने दो कोल ब्लॉक केरेडारी व चट्टी बरियातू से अभी तक उत्पादन नहीं कर रहा है.
इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए केंद्रीय कोयला सचिव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि एनटीपीसी डेड लाइन का इंतजार किये बिना उत्पादन सुनिश्चित करे. राज्य सरकार के विभिन्न विभाग केंद्र सरकार से बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मामलों का निष्पादन करें. केंद्रीय सचिव ने एस्सार पावर एमपी लिमिटेड को आवंटित तोकीसूद नॉर्थ कोल ब्लॉक, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को आवंटित पचुवारा सेंट्रल कोल ब्लॉक, वेस्ट बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को आवंटित पचुवारा नॉर्थ कोल ब्लॉक, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आवंटित डुमरी कोल ब्लॉक,जेएसडब्ल्यू को आवंटित मोइत्रा कोल ब्लॉक, उषा मार्टिन लिमिटेड को आवंटित बृंदा और सिसई कोल ब्लॉक, त्रिमुला इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आवंटित मेराल कोल ब्लॉक, अरण्या माइंस प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित लोहारी कोल ब्लॉक में डेड लाइन के अनुरूप काम शुरू करने का निर्देश दिया. ऐसा नहीं करने पर परफॉरमेंस सिक्युरिटी की राशि जब्त करने की भी चेतावनी दी गयी.
जमीन मामले की समीक्षा : गोड्डा में अडाणी पावर लिमिटेड को आवंटित जीतपुर कोल ब्लॉक में जमीन के मामले की समीक्षा की गयी. अडाणी को रैयतों के बीच जमीन का मुआवजा शीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया गया. साथ ही डेड लाइन के अनुरूप कोल ब्लॉक से उत्पादन करने को कहा.
रांची़ कोयला सचिव डॉ इंदरजीत सिंह ने सीसीएल प्रबंधन को विद्युत तापघरों को विशेष योजना बनाकर कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. सोमवार को श्री सिंह ने दरभंगा हाउस परिसर में सीसीएल के कार्यों की समीक्षा की.
उन्होंने निर्देश दिया कि चार मिलियन टन कोयला स्टॉ‍क को जल्द से जल्द कम करें. अधिकारी सामूहिक एवं व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ काम करें. उन्होंने उत्पादन संबंधित किसी भी समस्या और चुनौतियों का योजनाबद्ध तरीके से समाधान निकालने को कहा. कोल इंडिया के अध्यक्ष एके झा ने कहा कि कोल इंडिया 35 मिलियन टन कोयला स्टॉक को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है.देश को ऊर्जा प्रदान कर आगे बढ़ाने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी कोल इंडिया को मिली है.
सीएमपीडीअाइ के कार्यों की भी समीक्षा की : कोयला मंत्रालय के सचिव डॉ इंदरजीत सिंह ने सोमवार को सीएमपीडीआइ के कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का निर्देश दिया. प्रभावी मेकेनिज्म (तरीकों) का इस्तेमाल करने,आविष्कार और प्रौद्योगिकी आदि पर विशेष ध्यान देने की बात कही.
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