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रांची :गलती नगर निगम की, भुगत रही है जनता

Updated at : 06 Apr 2018 8:39 AM (IST)
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रांची :गलती नगर निगम की, भुगत रही है जनता

उत्तम महतो रांची : राजधानी के 16 लाख से अधिक लोगों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी रांची नगर निगम की है. लोगों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के एवज में निगम शहरवासियों से होल्डिंग टैक्स, वाटर टैक्स, कचरा यूजर चार्ज, म्यूनिसिपल लाइसेंस सहित अन्य प्रकार के टैक्स वसूलता है. रांची नगर निगम का […]

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उत्तम महतो
रांची : राजधानी के 16 लाख से अधिक लोगों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी रांची नगर निगम की है. लोगों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के एवज में निगम शहरवासियों से होल्डिंग टैक्स, वाटर टैक्स, कचरा यूजर चार्ज, म्यूनिसिपल लाइसेंस सहित अन्य प्रकार के टैक्स वसूलता है.
रांची नगर निगम का आदेश बाध्यकारी होने के कारण शहरवासी निगम को खुलकर टैक्स का भुगतान भी कर रहे हैं. लेकिन, इसके बावजूद नगर निगम को चैन नहीं मिल रहा है. अत्यधिक पैसा कमाने की चाहत में निगम ऐसे-ऐसे कदम उठा रहा है, जिसकी वजह से जनता उसकी ही साख पर सवाल उठाने लगे हैं.
1. ग्राउंड फ्लोर पर हैं दो दुकानें, पहले तल्ले में जबरन दिखायी दो दुकानें
लेक रोड में राकेश पोद्दार की दो मंजिला भवन है. इस भवन के ग्राउंड फ्लोर में दो दुकानें है. नगर निगम द्वारा हाल ही में नये सिरे से होल्डिंग नंबर के आवंटन के दौरान श्री पोद्दार ने अपने स्वघोषणा पत्र में दो दुकानें ही ग्राउंड फ्लोर पर दिखायी, लेकिन टैक्स कलेक्टर ने टैक्स के गणना के दौरान ग्राउंड फ्लोर सहित प्रथम तल में भी दो दुकानें होने की बात लिख कर उनके टैक्स की गणना कर दी.
आवासीय भवन को दुकान के रूप में दिखाने के कारण आज श्री पोद्दार निगम को डेढ़गुना टैक्स भी दे रहे हैं. प्रथम तल में दो दुकान नहीं होने के प्रमाण भी निगम से लेकर स्पैरो साॅफ्टटेक कार्यालय तक में उन्होंने दिये, लेकिन आज तक इनके आवेदन पर कोई कदम नहीं उठाया गया है. श्री पोद्दार अपने होल्डिंग टैक्स को सही कराने के लिए प्रतिदिन निगम के चक्कर लगा रहे हैं.
2. नीचे रहता है पूरा परिवार, निगम ने लिखा ऑफिस के लिए यूज हो रहा भवन
कुछ ऐसा ही मामला रातू रोड के रहने वाले अमित कुमार के साथ भी हुआ है. दो मंजिलों के इस भवन में उनका पूरा परिवार रहता है. भवन में कहीं भी व्यावसायिक गतिविधि नहीं होती है, लेकिन नये असेसमेंट के दौरान टैक्स कलेक्टर ने उनके भवन के ग्राउंड फ्लोर को ऑफिस यूज के लिए दर्शा दिया है. अब इसमें सुधार के लिए अमित प्रतिदिन निगम का चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन, अब तक उनके आवेदन पर कोई कदम निगम ने नहीं उठाया है.
3. खाली भूखंड में पानी का कनेक्शन नहीं, निगम ने भेजा 15795 का बिल
कोकर ढेला टोली में आकाश कुमार का तीन डिसमिल खाली जमीन है. हाल ही में निगम ने उन्हें 15795 रुपये का पानी का बिल भेजा है. बिल में निगम ने लिखा है कि आपके द्वारा वर्ष 2008 से पानी का उपभोग किया जा रहा है, लेकिन आपने पानी का बिल जमा नहीं किया है. इसलिए आप 15795 रुपये का बिल निगम में जमा करें. अन्यथा चक्रवृद्धि ब्याज इसके साथ जुड़ता जायेगा. आकाश कुमार ने गलत बिल भेजे जाने की शिकायत निगम से की है.
अगर बिल जमा किया है, तो उसकी रसीद को संभाल कर रखें
नये होल्डिंग टैक्स नियमावली के तहत अगर आपने भी अपने घर का सेल्फ असेसमेंट कराने के साथ ही साथ होल्डिंग टैक्स का भुगतान किया है, तो निगम द्वारा जारी किये गये इस होल्डिंग टैक्स के रसीद को संभाल कर रखें. क्योंकि, ऐसे केस निगम में प्रतिदिन आ रहे हैं, जिसमें टैक्स का भुगतान अप टू डेट रहने के बाद भी टैक्स वसूलने वाली एजेंसी स्पैरो साॅफ्टटेक के कर्मचारी लोगों के घर जाकर उन्हें बता रहे हैं कि आपका टैक्स बकाया है. अगर आपने अपनी रसीद को संभाल कर नहीं रखी तो ये टैक्स कलेक्टर आपसे दोबारा टैक्स भी वसूल सकते हैं.
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