रांची : पिछले 10 वर्षों में रांची शहर में काफी बदलाव हुए हैं, लेकिन अब भी काफी बदलाव होने बाकी हैं. पिछले नगर निगम चुनाव में भी प्रतिनिधियों से अपेक्षा थी कि वे शहर की सूरत बदलेंगे और यह भी शहरों के फेहरिस्त में शामिल होगा. लेकिन, मौजूदा स्थिति को सकारात्मक नहीं कहा जा सकता है.
शहर को व्यवस्थित करना जरूरी है. सड़कें साफ-सुथरी हों. पैदल चलने वालों के लिए भी जगह रहे. बिजली के पोल बीच सड़क पर ही हैं, उसे हटाना चाहिए. गलियों की सड़कों को भी दुरुस्त किये जायें. आज भी कई गली-मोहल्लों में सड़कें सही नहीं हैं, उन्हे दुरुस्त करें, ताकि आवागमन में सुगमता आये. बड़े शहरों में रात भर सड़कें साफ होती हैं. उसी तर्ज पर यहां भी व्यवस्था की जाये.
रांची शहर की खासियत इसकी हरियाली है, वह गायब सी हो गयी है. इसे कैसे हरा-भरा बनाया जाये, इस पर काम होना चाहिए. पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त हो. हर घर को पानी का कनेक्शन मिले. शहर में शौचालय तो बनें, लेकिन महिलाओं के लिए एक भी शौचालय शहर में नहीं दिखता. दूसरे शहरों की बात करें तो वहां साफ-सफाई पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. उसकी तुलना में रांची में भी स्वच्छता पर ध्यान देना होगा.
– डॉ एमपी सिंह, वरिष्ठ सर्जन
