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झारखंड : मेदांता अस्पताल ने बिल नहीं देने पर मरीज को सौंपने से किया इंकार, CM ने कहा, मरीजों से अधिक पैसे मांगे, तो होगी कार्रवाई

Updated at : 09 Feb 2018 6:30 AM (IST)
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झारखंड : मेदांता अस्पताल ने बिल नहीं देने पर मरीज को सौंपने से किया इंकार, CM ने कहा, मरीजों से अधिक पैसे मांगे, तो होगी कार्रवाई

रांची : इरबा स्थित मेदांता अस्पताल ने पैसा नहीं चुकाने पर मरीज को उसके परिजनों को सौंपने इंकार कर दिया है. करीब एक माह से अस्पताल प्रबंधन मरीज को रिलीज नहीं कर रहा है. परिजनों के अनुसार, मरीज बीपीएलधारी है और पेशे से किसान है. इलाज के एवज में मुख्यमंत्री असाध्य रोग योजना के तहत […]

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रांची : इरबा स्थित मेदांता अस्पताल ने पैसा नहीं चुकाने पर मरीज को उसके परिजनों को सौंपने इंकार कर दिया है. करीब एक माह से अस्पताल प्रबंधन मरीज को रिलीज नहीं कर रहा है. परिजनों के अनुसार, मरीज बीपीएलधारी है और पेशे से किसान है. इलाज के एवज में मुख्यमंत्री असाध्य रोग योजना के तहत अस्पताल को दो लाख 29 हजार 525 रुपये का भुगतान किया जा चुका है.
इसके अलावा जमीन बेच कर लगभग चार लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है. परिजनों ने मरीज को बंधक बनाने का आरोप लगाया है.
रिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन उक्त किसान से करीब 10 लाख रुपये की मांग कर रहा है.जब अस्पताल प्रबंधन से मरीज को छोड़ने का आग्रह किया, तो प्रबंधन केस कराने की धमकी देने लगा.ज्ञात हो कि 12 दिसंबर 2017 को ऑपरेशन कर मरीज को स्टेंट लगाया है. इसके बाद 17 दिसंबर को मरीज को वार्ड में शिफ्ट किया गया था.
मुख्यमंत्री से की फरियाद
मरीज के परिजनों ने मुख्यमंत्री रघुवर दास को पत्र लिख कर मरीज की रिहाई के लिए फरियाद की है. मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सकों व नर्सों पर इलाज में लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया है.
मरीज को कोई बंधक नहीं बनाया गया है. उसका छह लाख रुपये बकाया है. परिजन पैसा दे रहे थे. अब जब इंकार कर रहे हैं, तो मैनेजमेंट इस पर विचार कर रहा है. परिजन लिख कर दें कि वो इंतजाम करके बाद में पैसा देंगे, तो मरीज को रोकेंगे नहीं.
जावेद अख्तर, पीआरओ, मेदांता
बिना वजह मरीजों से अधिक पैसे मांगे, तो होगी कार्रवाई : सीएम
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मेदांता अस्पताल द्वारा एक बीपीएल परिवार को 9.85 लाख रुपये का बिल दिये जाने और भुगतान न करने पर मरीज को बंधक बनाये जाने की शिकायत संज्ञान में आते ही तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया. मरीज मोहम्मद अयूब अली को अस्पताल से उनके घर भिजवा दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मोहम्मद अयूब अली को अस्पताल को एक भी पैसा अतिरिक्त नहीं देना है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि कोई भी अस्पताल यदि मरीज से बिना वजह अधिक पैसा न मांगे. उन्होंने कहा कि ऐसी सूचना मिलने पर दोषी अस्पतालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
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