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थाने में पुलिस का मुखौटा होते हैं मुंशी : प्रिया

रांची: डीआइजी (प्रशिक्षण) प्रिया दुबे ने कहा है कि थाने में पुलिस का मुखौटा वहां के मुंशी होते हैं. जनता से पहली बार इंटरैक्शन भी किसी भी पुलिसिया कार्रवाई को लेकर मुंशी से ही होती है. राजधानी के होटल ट्राइडेंट इन में बाल अपराध, बाल संरक्षण अधिनियम से संबंधित दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के पांच जिलों […]

रांची: डीआइजी (प्रशिक्षण) प्रिया दुबे ने कहा है कि थाने में पुलिस का मुखौटा वहां के मुंशी होते हैं. जनता से पहली बार इंटरैक्शन भी किसी भी पुलिसिया कार्रवाई को लेकर मुंशी से ही होती है. राजधानी के होटल ट्राइडेंट इन में बाल अपराध, बाल संरक्षण अधिनियम से संबंधित दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के पांच जिलों के मुंशी और पुलिस कर्मियों के प्रशिक्षण का उद्घाटन करते हुए श्रीमती दुबे ने ये बातें कहीं.
कानून की जानकारी नहीं होने पर हो सकती है कार्यवाही : उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बाल अपराध और उससे जुड़े पुनर्वास पर सख्त निर्देश दे रखे हैं. बाल संरक्षण अधिनियम, पोक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फ्राॅम सेक्सुअल ऑफेंसेस) के प्रा‌वधानों की जानकारी सभी थानों के प्रभारी और उनके कनीय कर्मियों को होना जरूरी है.

कानून की जानकारी नहीं होने पर मुंशी और अन्य पर विभागीय कार्रवाई तथा अनुशासनात्मक कार्यवाही भी हो सकती है. उन्होंने कहा कि बाल अपराध में फंसे बच्चों का सही पुनर्वास करना भी पुलिस की महती जिम्मेवारी है. बच्चों से या बच्चों पर अपराध होने पर स्पष्ट कार्रवाई करना जरूरी है. गरीब और असहाय बच्चे अापराधिक घटनाओं के शिकार हो रहे हैं. ऐसे में स्वयंसेवी संस्थान, समाजसेवियों की मदद लेना जरूरी है. उन्होंने मुंशी और अन्य से बच्चों को अच्छा और सामान्य नागरिक बनाने में मदद करने की अपील की. एसटेक और भारतीय किसान संघ के संजय मिश्रा ने कहा कि पहली बार थानों के मुंशी काे प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि पुलिस को संवेदनशील बनना होगा. झारखंड राज्य बाल संरक्षण सोसाइटी के सदस्य सचिव राजेश सिंह ने दुमका, कोलहान, पलामू, हजारीबाग प्रमंडल में भी ऐसा प्रशिक्षण कार्यक्रम कराने का आह्वान किया. मुंशी और पुलिस कर्मियों को वर्ल्ड विजन के डॉ अनंगदेव सिंह, बाल संरक्षण अधिकार कार्यकर्ता त्रिभुवन शर्मा, एसटेक के प्रशांत कर्ण, वर्ल्ड विजन की रेखा, प्लान इंडिया के राजीव सिन्हा ने प्रशिक्षण दिया.

Prabhat Khabar Digital Desk
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