रांची : रोहित व उसके परिजनों में खुशी का माहौल है, क्योंकि 13 साल के रोहित उरांव का बायां हाथ कटने से बच गया है. अब रोहित का हाथ नहीं काटना पड़ेगा. रिम्स के कार्डियेक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ अंशुल कुमार ने रोहित के हाथों को कटने से बचा लिया है. हाथ की धमनियों को दुरुस्त करने के बाद हाथ में मूवमेंट तो आया ही है, खून का प्रवाह भी होने लगा है. ऑपरेशन के बाद रोहित हड्डी विभाग के सीटू वार्ड (बेड संख्या 186) में भरती है.
यहां बता दें कि रिम्स के हड्डी विभाग के डॉक्टरों को काफी इलाज के बाद भी इस कार्य में सफलता नहीं मिल रही थी. हड्डी के डॉक्टरों को जांच कराने व इलाज करने के बाद जब कुछ समझ में नहीं आया, तो उन्होंने रोहित के परिजनों को यह कह डाला कि हाथ को काटना पड़ेगा. किशोर का हाथ काटने की जानकारी होने पर कार्डियेक एंड वैस्कुलर सर्जन डॉ अंशुल कुमार ने परिजनों को भरोसा में लेते हुए एक प्रयास करने की अनुमति मांगी. बच्चे के हाथ का एक्सरे कराया गया. फिर सीटी एंजियोग्राफी करायी गयी. जांच में यह पता चला कि हाथ की रेडियल आर्टरी ठीक है, जिसमें खून को प्रवाहित किया जा सकता है. इसके बाद उन्होंने रोहित के हाथ का ऑपरेशन किया.
निजी अस्पताल में एक लाख रुपये हो गये खर्च : रोहित के भाई बिरसा उरांव ने बताया कि ब्रांबे व रांची के निजी अस्पताल में भाई को दिखाया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. इलाज में करीब एक लाख रुपये खर्च हो गये. इसके बाद उसे लेकर रिम्स पहुंचे. हड्डी के डाॅक्टरों ने देखा, लेकिन उन्होंने हाथ काटने की बात कह दी, लेकिन डॉ अंशुल ने हाथ को बचा लिया.
हाथ में जमा था डेढ़ लीटर खून
रिम्स के कार्डियेक एवं वैस्कुलर सर्जन डाॅ अंशुल कुमार ने बताया कि राेहित के हाथ में सूजन था. हाथ की धमनियां फट गयी थी. खून प्रवाहित होने लगा था. बेहोशी के डॉक्टर ने कह दिया था कि इस स्थिति में बेहोश नहीं किया जा सकता है. इसके बाद लोकल एनेस्थीसिया से बेहोश किया गया. फिर हड्डी के एक डॉक्टर के साथ मिल कर उसका ऑपरेशन शुरू किया गया. ऑपरेशन करने पर उसके हाथ से डेढ़ लीटर खून निकला. हाथ की अलनर धमनी सड़ गयी थी, जिसे हटा कर बांध दिया गया और रेडियल धमनी से खून का संचार कर दिया गया.
