बरका सयाल ने पूरा किया कोयला उत्पादन का लक्ष्य, मुनाफा 350 करोड़ से अधिक

बरका सयाल ने पूरा किया कोयला उत्पादन का लक्ष्य, मुनाफा 350 करोड़ से अधिक
उरीमारी. सीसीएल बरका-सयाल क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित कोयला उत्पादन लक्ष्य को पूरा कर लिया है. बरका-सयाल को 87.50 लाख मीट्रिक टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य मिला था. उसे 31 मार्च को पूरा कर लिया गया. बुधवार को बरका-सयाल जीएम ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जीएम अजय सिंह ने बताया कि कोयला उत्पादन के अलावा डिस्पैच व ओबी हटाने के मामले में भी क्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन किया है. यह सफलता अधिकारियों, कर्मचारियों, विस्थापित ग्रामीणों, यूनियनों व राज्य सरकार के सहयोग का परिणाम है. जीएम ने बताया कि अगले वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 90 लाख मीट्रिक टन रखा गया है. पिछले वर्ष बरका-सयाल क्षेत्र ने करीब 350 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया था. इस वर्ष मुनाफे में और वृद्धि की संभावना है. कोयला के अलावा बरका-सयाल क्षेत्र में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में 237 लाख क्यूबिक मीटर ओवर बर्डन (ओबी) हटाया गया. यह लक्ष्य 162 लाख क्यूबिक मीटर था. यानी 46 प्रतिशत अधिक ओबी हटाया गया है. रेलवे रैक के माध्यम से कोयला संप्रेषण में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. सीएचपी साइलो से इस वर्ष लगभग 1200 रैक कोयला भेजा गया. पिछले वित्तीय वर्ष में केवल 755 रैक कोयला भेजा गया था. डिस्पैच में 58 प्रतिशत की वृद्धि रही. जीएम ने बिरसा परियोजना की उपलब्धियों पर कहा कि पहले इस परियोजना से लगभग 4.5 लाख मीट्रिक टन कोयले का उत्पादन होता था. इस बार वहां पर 5.6 लाख मीट्रिक टन कोयले का उत्पादन हुआ है. उरीमारी ने 18 लाख टन व सयाल ने 12 लाख टन कोयले का उत्पादन किया. भुरकुंडा से सात लाख टन कोयला निकला. जीएम ने कहा कि भुरकुंडा में पांच मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट को भी चालू करते हुए उसके ग्रिड से जोड़ दिया गया है.
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