CCL तोपा परियोजना के 50 हजार टन कोयले के स्टॉक से उठा धुआं, मशीनों से परतें हटाने में जुटा प्रबंधन

सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के तोपा परियोजना से निकलता धुंआ
रामगढ़ के CCL तोपा परियोजना के कोयला स्टॉक से अचानक धुआं निकलने से अफरा-तफरी मच गई. संभावित आगजनी की आशंका को देखते हुए प्रबंधन ने तुरंत युद्ध स्तर पर बचाव कार्य शुरू कर दिया है.
कुजू से धनेश्वर प्रसाद की रिपोर्ट
रामगढ़ : रामगढ़ के सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के कुजू क्षेत्र अंतर्गत संचालित तोपा परियोजना में बुधवार की दोपहर उस समय अचानक अफरा-तफरी मच गयी, जब परियोजना के विशाल कोयला स्टॉक से धुआं निकलता देखा गया. जैसे ही यार्ड में तैनात कर्मियों ने काले कोयले के ढेर से सफेद धुआं उठते देखा, इसकी सूचना फौरन उच्च अधिकारियों को दी गई. संभावित आगजनी की बड़ी आशंका को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन तुरंत फुल एक्शन मोड में आ गया और बिना एक पल गंवाए युद्ध स्तर पर बचाव कार्य की शुरुआत कर दी गई.
भारी मशीनों और पानी की बौछारों से गर्म कोयले को किया जा रहा ठंडा
जानकारी के अनुसार तोपा परियोजना के इस मुख्य स्टॉक यार्ड में वर्तमान में करीब 50 हजार मीट्रिक टन कोयला सुरक्षित रखा गया है. दोपहर के समय जैसे ही स्टॉक के एक हिस्से से धुआं उठने की पुष्टि हुई, प्रबंधन ने तुरंत पानी के टैंकरों को काम पर लगा दिया और लगातार छिड़काव शुरू कराया. इसके साथ ही, भारी डोजर और पोकलेन जैसी मशीनों की मदद से कोयले की मोटी परतों को अलग-अलग किया जा रहा है, ताकि कोयले के अंदरूनी गर्म हिस्सों को हवा देकर ठंडा किया जा सके और तापमान को नियंत्रित कर आग फैलने से रोका जा सके.
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स्वतः दहन के खतरे को लेकर अधिकारी सतर्क
कोयलांचल के खदानों और स्टॉक यार्डों में कोयले से धुआं निकलने की घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि लंबे समय तक एक ही जगह पर भारी मात्रा में कोयला जमा रहने के कारण उसके भीतर रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू हो जाती है. इस अंदरूनी तापमान के बढ़ने से स्वतः गर्मी (Spontaneous Combustion) उत्पन्न होती है, जो बाद में भीषण आग का रूप ले लेती है. इसी खतरे को भांपते हुए सीसीएल की सुरक्षा और तकनीकी टीम पूरी सतर्कता के साथ मौके पर डटी हुई है.
जब तक तापमान सामान्य नहीं होता
इस पूरे मामले को लेकर तोपा परियोजना पदाधिकारी ने बताया कि कोयला स्टॉक से धुआं निकलने की सूचना मिलते ही सारे एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं और स्थिति फिलहाल पूरी तरह से नियंत्रण में है. उन्होंने स्पष्ट किया कि आग की किसी भी संभावना को शून्य करने के लिए प्रभावित हिस्से पर लगातार पानी की बौछारें की जा रही हैं और पूरे स्टॉक की बारीकी से मॉनिटरिंग हो रही है. प्रबंधन का कहना है कि जब तक कोयले के ढेर का अंदरूनी तापमान पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक यह कूलिंग ऑपरेशन लगातार जारी रहेगा.
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By Sameer Oraon
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