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..सौर ऊर्जा आधारित जल पंप से सतत कृषि पद्धतियों को मिल रहा बढ़ावा

Updated at : 10 Apr 2025 10:45 PM (IST)
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..सौर ऊर्जा आधारित जल पंप से सतत कृषि पद्धतियों को मिल रहा बढ़ावा

टाटा स्टील फाउंडेशन ने पिछले एक वर्ष में मांडू प्रखंड के विभिन्न गांवों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 13 तालाब व कई चेक डैम का निर्माण कराया है.

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फोटो : 10 घाटो 2 सौर ऊर्जा आधारित जल पंप से खेती करती महिला रूपम देवी रवींद्र कुमार घाटोटांड़. टाटा स्टील फाउंडेशन ने पिछले एक वर्ष में मांडू प्रखंड के विभिन्न गांवों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 13 तालाब व कई चेक डैम का निर्माण कराया है. इतना ही नहीं, टाटा स्टील फाउंडेशन ने महिला किसानों के लिए सौर ऊर्जा आधारित जल पंप लगवाने की पहल भी की. ताकि सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जा सके. इन पंपों की मदद से किसानों को साल भर निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है, जिससे वे अब मौसमी बारिश पर निर्भर हुए बिना फसलों की खेती कर पा रहे हैं. यह पहल गेम-चेंजर साबित हो रही है. जिससे न केवल कृषि में सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा मिला है,बल्कि उत्पादकता में सुधार और किसानों की आय में वृद्धि भी सुनिश्चित हुई है. ग्राउंडवाटर रिचार्ज की पहल सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई के साथ-साथ, टाटा स्टील फाउंडेशन ने जल संरक्षण व सतत सिंचाई की दिशा में एक और अहम कदम उठाया है ग्राउंडवाटर रिचार्ज की पहल. इन प्रयासों का लक्ष्य 3.8 मिलियन क्यूबिक फीट तक भूजल भंडारण क्षमता विकसित करना है. जिससे क्षेत्र के कई किसानों को कृषि के लिए स्थायी और निरंतर जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके. यह परियोजना विस्तृत भौगोलिक क्षेत्र को कवर करती है, जिसमें नावाडीह में छह तालाबों का निर्माण हुआ है, जबकि अतना, बंजी, जोबला, मांडू व सोनडीहा गांवों में एक-एक तालाब विकसित किये गये हैं. इसके अतिरिक्त कुजू नॉर्थ क्षेत्र में दो तालाब व बसंतपुर पंचायत के बेड़वा गांव में एक चेक डैम का निर्माण किया गया है. इन प्रयासों से भूजल पुनर्भरण में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है, जिससे किसानों के लिए दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी. यह पहल सतत ग्रामीण विकास के प्रति टाटा स्टील फाउंडेशन की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है . महिला किसान रूपम देवी बनी प्रेरणास्रोत हर बड़ी और प्रेरणादायक सफर की शुरुआत छोटे मगर लगातार प्रयासों से होती है, जैसा कि बड़गांव पंचायत की किसान रूपम देवी की कहानी है . कभी पूरी तरह बारिश पर निर्भर रहने वाली रूपम देवी ने जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती और आजीविका को नई दिशा दी है .आज वह सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई सुविधा के माध्यम से उच्च मूल्य वाली विविध फसलों की सफलतापूर्वक खेती कर रही हैं .आज रूपम देवी धान के साथ-साथ फूलगोभी, प्याज, तरबूज और खीरे जैसी विविध फसलों की भी खेती कर रही हैं.इस बदलाव से उनकी वार्षिक आय में वृद्धि हुई है .उनकी यह सफलता आसपास के गांवों की कई महिला किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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VIKASH NATH

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By VIKASH NATH

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