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मजदूरी पर निर्भर हैं नगर परिषद वार्ड नंबर दो के लोग

Updated at : 25 Mar 2025 9:55 PM (IST)
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मजदूरी पर निर्भर हैं नगर परिषद वार्ड नंबर दो के लोग

मजदूरी पर निर्भर हैं नगर परिषद वार्ड नंबर दो के लोग

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रामगढ़ नगर परिषद 2018 में अस्तित्व में आया. जिला की विभिन्न पंचायतों को काट कर नगर परिषद में 32 वार्ड बनाये गये. इन वार्ड में कई समस्याएं हैं. इन समस्याओं के समाधान के लिए समय-समय पर पहल की जाती है. वार्ड नंबर दो की कई समस्याएं हैं. प्रस्तुत है वार्ड नंबर दो की ग्राउंड रिपोर्ट. संजय शुक्ला, रामगढ़ नगर परिषद रामगढ़ के अंतर्गत वार्ड नंबर दो सांडी-भरेचनगर व कुछ बोंगावार के इलाके हैं. इस वार्ड की सीमा पुराना एनएच-33 गुड़ीदोहर से शुरू होती है. यह लाइफ लाइन हॉस्पिटल बोंगावार तक तक फैली है. इस वार्ड में गुड़ीदोहर, सांडी कॉलोनी, मनमोहन नगर, बोंगाबार का कुछ इलाका, बजरमरी, मुंडा टोली, भुइयां टोला, रविदास टोला शामिल हैं. इस वार्ड में लगभग पांच हजार मतदाता हैं. वार्ड में संताली, करमाली, रजवार, भुइयां, कुरमी, प्रजापति जाति की बहुलता है. इस वार्ड में उमवि बजरमरी, उमवि बोंगावार व मवि भरेचनगर हैं. तीन आंगनबाड़ी केंद्र हैं. सभी केंद्र के लिए सरकारी भवन हैं. इस वार्ड के लोग मजदूरी पर निर्भर हैं. क्या है वार्ड की समस्याएं : इस वार्ड में रोजगार, पीने के पानी, सिंचाई की सुविधा, स्ट्रीट लाइट का अभाव है. इस वार्ड के कुरमी टोला, बोंगावार व बजरमरी में जलमीनार है. इसमें बजरमरी टोला की जलमीनार का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है. मोटर जल गया है. रख-रखाव के कारण उपयाेग में नहीं है. टूटी झरना मोड़ से आधा किमी तक व लाइफ लाइन हॉस्पिटल से बोंगाबार उमवि तक मुख्य सड़क की स्थिति जर्जर है. मुख्य सड़क पर स्ट्रीट लाइट की कमी है. पर्यटन स्थल टूटी झरना महादेव मंदिर परिसर में साफ-सफाई की कमी है. पेयजल के लिए चापाकल का सहारा लेना पड़ता है. क्या कहते हैं वार्ड के लोग : वार्ड निवासी शिक्षक रघु विश्वकर्मा ने बताया कि वार्ड सीमांकन की त्रुटि के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है. इस वार्ड में रोजगार की समस्या है. रोजगार को बढ़ावा देने की जरूरत है. शौचालय की कमी है. स्ट्रीट लाइट बढ़ानी है. टूटी झरना मंदिर क्षेत्र में साफ-सफाई की कमी है. पीने के पानी के लिए वार्ड में चापाकल पर निर्भरता है. सिंचाई की कमी है. वार्ड निवासी नरोत्तम सिंह ने कहा कि इस वार्ड में हर घर नल योजना के लिए पाइप बिछायी गयी है, लेकिन इसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है. टूटी झरना मोड़ से मंदिर जाने वाला रास्ता जर्जर है. टूटी झरना प्राचीन महादेव मंदिर पर्यटन स्थल है. इस रास्ते में अंधेरा रहता है. यहां स्ट्रीट लाइट की जरूरत है. साफ-सफाई की कमी है. मंदिर को विकास करने की जरूरत है. वार्ड निवासी पुष्पा देवी ने कहा कि उनके पति लखीराम मांझी ने वार्ड पार्षद के रूप में कई उल्लेखनीय काम किया है. उनके द्वारा पुराना एनएच-33 से टूटी झरना मंदिर तक कालीकरण व पीसीसी पथ, छोटानागपुर महाविद्यालय आने के रास्ते में पुलिया बनायी गयी है. वार्ड में पानी की समस्या के समाधान के लिए कई जलमीनार बनवायी गयी है. हर घर नल -जल योजना से घरों को जोड़ा है. उनके देहांत के बाद कई समस्या से लोग परेशान हैं. नल -जल -योजना का पानी लोगों को नहीं मिल रहा है. उमवि के प्रधानाचार्य अशोक कुमार ने बताया कि वर्ग केजी से आठवीं तक की पढ़ाई होती है. यहां दो सरकारी व चार पारा शिक्षक हैं. स्कूल में भवन की कमी नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SAROJ TIWARY

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SAROJ TIWARY is a contributor at Prabhat Khabar.

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