ePaper

मजदूर नेता मिथिलेश सिंह का निधन, आज दामोदर नदी के तट पर होगा अंतिम संस्कार

Updated at : 12 Jul 2025 8:45 AM (IST)
विज्ञापन
Mithilesh Singh

मिथिलेश सिंह के साथ यशवंत सिन्हा

Mithilesh Singh Passed Away: भाकपा माले के केंद्रीय स्टेयरिंग कमेटी सदस्य, बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष सह सीटू के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश सिंह का 70 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार गिद्दी दामोदर नदी के तट पर आज 12 जुलाई को दोपहर 2 बजे किया जायेगा. उनके निधन की खबर से रामगढ़ कोयलांचल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी है.

विज्ञापन

Mithilesh Singh Passed Away | गिद्दी, अजय कुमार: भाकपा माले के केंद्रीय स्टेयरिंग कमेटी सदस्य, बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष सह सीटू के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश सिंह का 70 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. कल 11 जुलाई को वह अपना डायलिसिस कराने के लिए प्राइम अस्पताल कैथा रामगढ़ जा रहे थे. इसी बीच रांची रोड में वह अपने परिजन के घर पर रुके थे. वहां से निकलने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली. मालूम हो वह पिछले कई वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे. उनके निधन की खबर से रामगढ़ कोयलांचल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी है.

औरंगाबाद के रहने वाले थे मिथिलेश सिंह

मिथिलेश सिंह बिहार प्रदेश के औरंगाबाद जिला के रहने वाले थे. वह वर्ष 1973-74 में हेसालौंग की निजी माइंस में काम करने के लिए झारखंड आये थे. वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान वह गिरफ्तार भी हुए थे और लगभग 22 माह तक पूर्व सांसद एके राय के साथ हजारीबाग जेल में रहे थे. उन पर मीसा भी लगाया गया था. जेल से रिहा होने के बाद गिद्दी क्षेत्र में मोटर ट्रांसपोर्ट कामगार यूनियन, बीसीकेयू व मासस की राजनीति करने लगे. उन्होंने लगभग पांच दशक तक इस इलाके में लाल झंडे की राजनीतिक की. मजदूर आंदोलनों के दौरान भी वह कई बार जेल गये.

झारखंड की ताजा खबरें यहां पढ़ें

रैलीगढ़ा कांड के बाद चर्चा में आये थे मिथिलेश सिंह

मिथिलेश सिंह रैलीगढ़ा कांड के बाद वह काफी चर्चा में आये थे. मांडू व बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र से वह चुनाव भी लड़े थे. उन्होंने गिद्दी वाशरी में सैकड़ों असंगठित मजदूरों को स्थायीकरण कराया था. इसके लिए उनके नेतृत्व में यहां लंबा आंदोलन भी हुआ था. इसके अलावा संगठित व असंगठित मजदूरों के सवालों को लेकर उनके नेतृत्व में कई लड़ाईयां लड़ी गयी थी. मिथिलेश सिंह को जेपी आंदोलनकारी के रूप में चिन्हित किया गया था. मासस, भाकपा माले में विलय हुआ है. इसमें उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी. वह मासस के संस्थापकों में एक थे.

आज दामोदर नदी के तट पर होगा अंतिम संस्कार

मिथिलेश सिंह अपने पीछे एक पुत्र, दो पुत्री व पत्नी छोड़ गये है. उनका अंतिम संस्कार गिद्दी दामोदर नदी के तट पर आज 12 जुलाई को दोपहर 2 बजे किया जायेगा. उनके निधन पर भाकपा माले विधायक के अरूप चटर्जी, चंद्रदेव महतो, पूर्व विधायक विनोद सिंह, पोलित ब्यूरो सदस्य आनंद महतो, हलधर महतो, आरडी मांझी, बैजनाथ मिस्त्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि उनके निधन से वामपंथी आंदोलन को नुकसान हुआ है.

इसे भी पढ़ें

खुशखबरी: झारखंड में 1 सितंबर से लागू होगी नयी उत्पाद नीति; ऑडिट के बाद 500 शराब दुकानों में शुरू हुई बिक्री

झारखंड आ रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, इस खास समारोह में होंगी शामिल

गरीबों के खाते में सीधे आएंगे 2-2 लाख! जल्दी से भरें ये फॉर्म

विज्ञापन
Dipali Kumari

लेखक के बारे में

By Dipali Kumari

नमस्कार! मैं दीपाली कुमारी, एक समर्पित पत्रकार हूं और पिछले 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं, जहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पूर्व दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी कार्य करने का अनुभव है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola