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चितरपुर में पांच दिन से पेयजलापूर्ति व्यवस्था ठप, आधा दर्जन गांव के 25 हजार लोग प्रभावित

चितरपुर में पांच दिन से पेयजलापूर्ति व्यवस्था ठप, आधा दर्जन गांव के 25 हजार लोग प्रभावित

:::अब 62 के जगह 100 रुपये देने होंगे जल कर : मोटर पंप खराब और कर्मियों को मानदेय नहीं मिलने से ठप है पेयजलापूर्ति : विभाग ने मुखिया एवं जल सहिया के साथ की बैठक चितरपुर. चितरपुर प्रखंड क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से पेयजलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ठप रहने के कारण गंभीर जलसंकट उत्पन्न हो गया है. इस संकट से आधा दर्जन से अधिक गांवों के लगभग 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं. पीने के पानी के साथ-साथ दैनिक उपयोग के लिए भी पानी की भारी किल्लत हो गयी है. इससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. जानकारी के अनुसार, रजरप्पा मोड़ स्थित जलमीनार में लगे मोटर पंप में तकनीकी खराबी आने के कारण पूरे क्षेत्र में पेयजलापूर्ति बाधित हो गयी है. मोटर पंप खराब होने के बाद से अब तक उसकी मरम्मत नहीं हो पायी है. न ही विभाग की ओर से वैकल्पिक जलापूर्ति की कोई ठोस व्यवस्था की गयी है. इसका सीधा असर चितरपुर, रजरप्पा मोड़, मायल, तेबरदाग, सोंढ़, सांडी, नवा बगीचा, मारंगमरचा सहित आस-पास के कई गांवों पर पड़ा है. पेयजलापूर्ति ठप होने से ग्रामीणों को चापाकलों और अन्य सीमित जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. कई स्थानों पर चापाकलों से भी पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा है. सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं. घंटों इंतजार के बाद लोगों को एक-दो बाल्टी पानी ही नसीब हो पा रहा है. सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को हो रही है, जिन्हें घरेलू कार्य छोड़ कर दूर-दराज से पानी ढोना पड़ रहा है. लोगों ने संबंधित विभाग से अविलंब कर्मियों के लंबित मानदेय का भुगतान करने, मोटर पंप की मरम्मत कराने और आपात स्थिति को देखते हुए जलापूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है. रोजमर्रा का काम हो रहा है प्रभावित : ग्रामीण ग्रामीण रवि कुमार, संध्या देवी, विकास प्रजापति, रोहित कुमार, धीरज कुमार, आशा देवी, राज कुमार, पिंकी देवी, बिंदु देवी और ममता देवी ने बताया कि पानी की किल्लत से हालात बेहद परेशान करने वाले हो गये हैं. पीने के पानी के लिए घंटों कतार में खड़े रहना पड़ रहा है, तब जाकर कहीं एक-दो बाल्टी पानी नसीब हो पा रहा है. पानी की कमी के कारण घरों के रोजमर्रा के कई कामकाज प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों ने विभाग से जल्द समस्या का स्थायी समाधान कर नियमित पेयजलापूर्ति बहाल करने की मांग की है. मानदेय नहीं मिलने से रख-रखाव में नहीं दिखा रहे हैं रुचि चितरपुर, रजरप्पा मोड़ और भैरवी नदी स्थित इंटेकवेल में कार्यरत लगभग छह कर्मियों को पिछले छह-सात माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. कर्मियों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है. इनका कहना है कि कई दुकानों में उधारी है. बच्चों की स्कूल फीस नहीं भर पा रहे हैं. ऐसी स्थिति में वे मरम्मत और रख-रखाव कार्य में रुचि नहीं ले पा रहे हैं. इसका सीधा असर पेयजलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है. क्षेत्र में शीघ्र होगा पेयजलापूर्ति : कनीय अभियंता विभाग के कनीय अभियंता बख्तियार अफजल ने कहा कि पूरे मामले को सुलझा लिया गया है. यथाशीघ्र पेयजलापूर्ति व्यवस्था शुरू करायी जायेगी. मोटर पंप में हल्की खराबी थी, लेकिन मुख्यत: कर्मियों को मानदेय नहीं मिलने के कारण पेयजलापूर्ति बाधित थी. पूरे मामले को लेकर पांच जनवरी को संबंधित पंचायत में मुखिया एवं जल सहिया के साथ बैठक की गयी. इसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं. बहु ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के माध्यम से पेयजलापूर्ति कार्य का संचालन, संपोषण होगा. जनवरी 2026 से जल कर 62 रुपये से बढ़ा कर 100 रुपये लिये जायेंगे. क्षेत्र के लोग अपने पंचायत भवन में प्रत्येक माह पांच तारीख को जल सहिया के पास जल कर जमा करेंगे. बैठक में मारंगमरचा मुखिया बसंती देवी, चितरपुर पूर्वी मुखिया भानू प्रकाश महतो, मायल मुखिया फिरोज अंसारी, चितरपुर उत्तरी मुखिया मंजू देवी, चितरपुर दक्षिणी मुखिया पति जाहिद अहमद, मारंगमरचा मुखिया पति राकेश रजवार, तेबरदाग जल सहिया मालती देवी, चितरपुर उत्तरी नीलम देवी, चितरपुर दक्षिणी तलत आरा, चितरपुर पूर्वी अनीता देवी, मायल सुनीता देवी मौजूद थे.

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