बंद हो चुकी गिद्दी वाशरी परियोजना पर सीसीएल ने पांच-छह वर्षों में खर्च किये 200 करोड़

Updated at : 18 Feb 2025 10:34 PM (IST)
विज्ञापन
बंद हो चुकी गिद्दी वाशरी परियोजना पर सीसीएल ने पांच-छह वर्षों में खर्च किये 200 करोड़

बंद हो चुकी गिद्दी वाशरी परियोजना पर सीसीएल ने पांच-छह वर्षों में खर्च किये 200 करोड़

विज्ञापन

अजय, गिद्दी (हजारीबाग). गिद्दी वाशरी परियोजना पांच-छह साल पहले बंद हो चुकी है, लेकिन अभी भी परियोजना में 55-60 कर्मी कार्यरत और पीओ पदस्थापित हैं. सालाना करोड़ों का घाटा तथा प्लांट की जर्जर स्थिति का हवाला देकर सीसीएल प्रबंधन ने इसे बंद कर दिया है. पिछले पांच-छह वर्षों में सीसीएल कंपनी ने कर्मियों के वेतन व अन्य पर 200 करोड़ की राशि खर्च की है. गिद्दी वाशरी परियोजना का स्ट्रक्चर हटा कर यहां पर कोयला उत्पादन करने की योजना बनायी गयी है. मजदूरों की सोच है प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण गिद्दी वाशरी परियोजना बंद हुई है. कभी एशिया में गिद्दी वाशरी परियोजना की अलग पहचान थी. 70 के दशक में गिद्दी वाशरी परियोजना खुली थी. पहले गिद्दी वाशरी परियोजना कोकिंग कोल थी, लेकिन वर्ष 1998 में इसे नन कोकिंग कोल में तब्दील कर दी गयी थी. जिस उम्मीद व दावे के साथ गिद्दी वाशरी परियोजना को परिवर्तित किया गया था, उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुई. गिद्दी वाशरी परियोजना को रोजाना पांच हजार मीट्रिक टन रॉ-कोल की आवश्यकता थी, लेकिन मुश्किल से दो हजार मीट्रिक टन और बाद में एक हजार मीट्रिक टन रॉ-कोल आपूर्ति होने लगी थी. उरीमारी परियोजना से भी यहां रॉ-कोल आपूर्ति हुई है. कोयला के नाम पर परियोजना से यहां पर अधिकांश पत्थर ही भेजा गया था. यह पत्थर आज भी यहां पड़ा है. नुकसान का एक कारण यह भी माना जाता है. परियोजना को आर्थिक नुकसान हुआ है : कोयले के नाम पर पत्थर की आपूर्ति से प्लांट को क्षति पहुंची और परियोजना को आर्थिक नुकसान हुआ. इसकी जांच भी हुई थी, लेकिन मामले को दबा दिया गया था. सीसीएल प्रबंधन ने गिद्दी वाशरी परियोजना को पांच-छह सितंबर 2019 को बंद कर दिया था. जिस वक्त परियोजना बंद हुई थी, उस वक्त यहां पर कर्मियों की संख्या 300 के आस-पास थी. यहां के अधिकांश कर्मियों को अरगड्डा क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं में तबादला कर दिया गया. फिलहाल परियोजना में 55-60 कर्मी कार्यरत हैं. 20-25 कर्मी विद्युत सब-स्टेशन में कार्य करते हैं. 10-12 सुरक्षाकर्मी हैं. कुछ कर्मी अब भी यहां सरप्लस हैं. उन्हें तबादला करने की योजना बनायी जा रही है. कर्मियों व पीओ के वेतन, सब-स्टेशन की मरम्मत तथा कई तरह का आर्थिक बोझ अब भी वाशरी पर पड़ रहा है. वाशरी बंद होने से 516 दंगल के रोड सेल के हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी छीन गयी है. प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण गिद्दी वाशरी परियोजना बंद हुई है : भाकपा माले नेता आरडी मांझी ने कहा कि प्रबंधन की गलत नीतियों के कारण गिद्दी वाशरी परियोजना बंद हुई है. प्रबंधन रिजेक्ट कोल व सलरी का उठाव भी नहीं कर रहा है. इससे सीसीएल को नुकसान हो रहा है. गिद्दी वाशरी पीओ अनूप डुंगडुंग ने कहा कि गिद्दी वाशरी परियोजना का स्ट्रक्चर हटाने तथा रिजेक्ट कोल व सलरी का उठाव के लिए कागजी प्रक्रिया बढ़ा दी गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola