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Flood in Rajrappa: भारी बारिश के बीच दामोदर-भैरवी ने दिखाया रौद्र रूप, रजरप्पा में बाढ़

Updated at : 19 Jun 2025 8:11 PM (IST)
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Flood in Rajrappa Ramgarh Jharkhand

रजरप्पा में उफान पर हैं दामोदर और भैरवी. फोटो : प्रभात खबर

Flood in Rajrappa: भारी बारिश के कारण रजरप्पा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आयी है. छिलका पुलिया डूबने के कारण गोला की ओर से मंदिर पहुंचने वाले भक्तों को एक किलोमीटर अतिरिक्त घूमकर बड़ा पुल होकर मंदिर जाना पड़ रहा है. जिला प्रशासन और मंदिर न्यास समिति के सदस्यों ने अलर्ट जारी कर कहा है कि श्रद्धालु और दुकानदार नदियों के पास न जायें.

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Flood in Rajrappa| रजरप्पा (रामगढ़), सुरेंद्र कुमार / शंकर पोद्दार : लगातार 3 दिन से हो रही भारी बारिश के कारण रजरप्पा कोयलांचल क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. देश के प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा मंदिर के पास बहने वाला दामोदर नद और भैरवी नदी ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. दोनों नदियों में उफान की वजह से रजरप्पा में बाढ़ आ गयी है. मां छिन्नमस्तिके मंदिर प्रक्षेत्र की सैकड़ों दुकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है. इससे दुकानदारों को भारी आर्थिक क्षति हुई है. बाढ़ के पानी से मंदिर का मुख्य द्वार, मुंडनशाला, यात्री टावर, क्यू कॉम्प्लेक्स, चौधरी धर्मशाला और तांत्रिक घाट जलमग्न हो गया है.

भैरवी नदी के तट पर स्थित दुकानों में घुसा पानी. दुकानदारों ने पहले ही निकाल लिये थे सामान. फोटो : प्रभात खबर

मां छिन्नमस्तिके देवी की सीढ़ियों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

बाढ़ का पानी मां छिन्नमस्तिके देवी के मंदिर की सीढ़ियों एवं मंदिर न्यास समिति के कार्यालय तक पहुंच गया है. पुजारियों का कहना है कि प्रतिवर्ष बाढ़ का पानी मां छिन्नमस्तिके देवी के पांव पखारने के लिए सीढ़ियों तक आता है. भारी बारिश के कारण भैरवी नदी पर बना छिलका पुलिया डूब गया है.

मंदिर परिसर के आसपास बाढ़ का पानी. फोटो : प्रभात खबर

बाढ़ में सेल्फी लेने के लिए उमड़ रही है भीड़

नदियों में बाढ़ के बाद इस विहंगम दृश्य को देखने के लिए आस-पास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं. फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं. उधर, भारी बारिश के कारण चितरपुर प्रखंड क्षेत्र के खेतों में और जलाशयों में लबालब पानी भर गया है.

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मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में आयी कमी

भारी बारिश के कारण रजरप्पा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आयी है. छिलका पुलिया डूबने के कारण गोला की ओर से मंदिर पहुंचने वाले भक्तों को एक किलोमीटर अतिरिक्त घूमकर बड़ा पुल होकर मंदिर जाना पड़ रहा है. जिला प्रशासन और मंदिर न्यास समिति के सदस्यों ने अलर्ट जारी कर कहा है कि श्रद्धालु और दुकानदार नदियों के पास न जायें.

रजरप्पा में मां छिन्नमस्तिके मंदिर के द्वार तक पहुंचा बाढ़ का पानी. फोटो : प्रभात खबर

सैकड़ों दुकानें जलमग्न

भैरवी नदी किनारे सैकड़ों दुकानें जलमग्न हो गयीं हैं. हालांकि, बुधवार से ही दुकानदार सामान समेटने लगे थे. इसके बावजूद मुकेश यादव, लुटू यादव, रघुनंदन यादव, रूपेश यादव, मनोज चटर्जी, नीरज साव, धीरज साव, ननकू अग्रवाल, श्रवण सिंह, चरका महतो, मनोज बेदिया, तालो अग्रवाल, विश्वनाथ यादव, इंदर यादव, चंद्रमोहन यादव, दिलीप कपूर, पप्पू खन्ना, बंशी केवट, चंदन केवट, परिमल कुशवाहा सहित सैकड़ों लोगों की मनिहारी, होटल और फूल-प्रसाद की दुकानों में पानी घुस गया है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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