वरीय संवाददाता
राज्यसभा सांसद खीरू महतो ने कहा कि एनडीए घटक दल के राजनेता व जनप्रतिनिधि से भाजपा सांसद की नियमित बैठक होनी चाहिए. जिला स्तरीय दिशा समिति की बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सुझाव को सांसद नयी योजनाओं के चयन में शामिल करें. झारखंड में एनडीए घटक दल विपक्ष में हैं. इसलिए संघर्ष कार्यक्रम में भी सभी की सहभागिता सुनिश्चित की जाये. डीएमएफटी फंड विभिन्न कोयला खनन क्षेत्र के दस किलोमीटर क्षेत्र में खर्च होना चाहिए. शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और मौलिक सुविधाओं पर राशि खर्च की जाये. लईयो-केदला समेत कई कोयला खनन क्षेत्र के गांवों में अधूरी योजनाओं को पूरा किया जाये. घरों में पानी पहुंचाने के लिए केदला में पानी टॉवर तक बनाये गये हैं, जो अधूरे हैं. इसे भी पूरा किया जाये.
सांसद खीरू महतो ने कहा कि कोतरे, बसंतपुर, पचमो कोयला खनन परियोजना में स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाये. चरही सीसीएल जीएम सत्यजीत कुमार, प्रोजेक्ट ऑफिसर एसी गुप्ता, केबीपी खनन परियोजना के एमडी अभय सिन्हा के साथ कई मुद्दों पर वार्ता भी की गयी है. सीसीएल व एमडीओ के बीच वार्ता के बाद स्थानीय कुशल लोगों को साक्षात्कार लेकर कंपनी में रोजगार दिया जायेगा. अकुशल लोगों को भी जरूरत के अनुसार नियुक्ति की जायेगी. सांसद ने कहा कि सीसीएल, बीसीसीएल प्रभावित क्षेत्रों में सीएसआर मद से विकास कार्य को प्राथमिकता दी जाये. सीएसआर मद की राशि खर्च करने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सुझाव पूर्व की तरह फिर से आमंत्रित किया जाये.
सांसद ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही कुड़मी जाति को आदिवासी सूची में शामिल करने का केवल आश्वासन मिलता रहा है, लेकिन अब तक इसे सूचीबद्ध नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि आदिवासियों को जो आरक्षण प्राप्त है, उसके अतिरिक्त आरक्षण की सीमा बढ़ाकर कुड़मी जाति को भी इसका लाभ दिया जाना चाहिए. कई अन्य जातियों को आदिवासी श्रेणी में जोड़ा गया है, उसी प्रकार कुड़मी समाज को भी यह अवसर दिया जाना चाहिये.
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