कोर्ट के आदेश के बाद पतरातू में तोड़े गये अवैध निर्माण, खाली कराये गये मकान
Published by : SAROJ TIWARY Updated At : 12 Feb 2026 11:18 PM
कोर्ट के आदेश के बाद पतरातू में तोड़े गये अवैध निर्माण, खाली कराये गये मकान
अभियान से मचा हाहाकार, एक झटके में सड़क पर आ गये लोग. 220 एकड़ भूमि पर है 1200 अवैध आवास, मुख्यमंत्री से मिले विधायक, मांगी मोहलत. पतरातू. पतरातू अंचल क्षेत्र में 12 फरवरी से अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत हुई. सुबह नौ बजे से प्रशासन की टीम ने पटेल चौक, जनता नगर, मां शीतला मंदिर (टाइप-2, जनता नगर), जल शोध प्रतिष्ठान, दुर्गा पूजा स्थल बिरसा मार्केट सहित विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाया गया. विधि-व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था. अभियान के दौरान जैसे ही प्रशासन की टीम पहुंची, लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. लोगों का कहना था कि बच्चों की परीक्षाएं चल रही हैं. शादी-विवाह का वक्त है. ऐसे में अचानक आवास खाली कराना न्यायसंगत नहीं है. उन्हें पर्याप्त समय नहीं मिला, जिससे सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाने में कठिनाई हो रही है. क्षेत्र में संचालित खटाल संचालकों के सामने भी पशुओं को हटाने की चुनौती खड़ी हो गयी है. दूसरी ओर, सूचना मिलते ही बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी भी हेसला पहुंचे. अनुमंडल पदाधिकारी से बातचीत कर कहा कि कम समय में हजारों लोगों को बेघर करना उचित नहीं है. अतिक्रमण हटाने के लिए उचित समय देना चाहिए. विधायक ने मामले पर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर कुछ दिनों का समय देने की मांग की. मुख्यमंत्री ने सकारात्मक आश्वासन तो दिया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी था. इधर, प्रशासन का कहना था कि औद्योगिक विकास व जनहित को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है. यह कार्रवाई जारी रहेगी. क्यों हटाया जा रहा अतिक्रमण. पतरातू अंचल अधिकारी द्वारा जारी आम सूचना के अनुसार मौजा हेसला, उचरिंगा व कटिया में स्थित हस्तांतरित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा रहा है. यह भूमि पतरातू थर्मल पावर स्टेशन (पीटीपीएस) के औद्योगिक विकास के लिए झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा), रांची को हस्तांतरित हो चुकी है. ऐसे में पीटीपीएस के पुराने व जर्जर क्वार्टरों सहित लगभग 220 एकड़ भूमि पर बने करीब 1200 अन्य आवासों व अन्य निर्माण को खाली कराया जा रहा है. झारखंड उच्च न्यायालय, रांची ने आदेश पारित कर राज्य सरकार को उक्त परिसर खाली कराने की अनुमति दी है. तैनात थे प्रशासनिक पदाधिकारी : अतिक्रमण अभियान को लेकर प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे. इसमें एसडीएम रामगढ़ अनुराग तिवारी, एसडीपीओ गौरव गोस्वामी, इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार सिंह, सार्जेंट मेजर मंटू यादव, थाना प्रभारी शिवलाल कुमार गुप्ता, भुरकुंडा थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार, बासल थाना प्रभारी कैलाश कुमार, बरकाकाना थाना प्रभारी उमाशंकर वर्मा, भदानीनगर थाना प्रभारी अख्तर अली शामिल थे. पीवीयूएनएल सीआइएसएफ फायर विभाग की दमकल गाड़ी भी मौजूद थी.
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