लीड) पुत्र के नाम पर पांच लाख निकाले

Published at :18 Nov 2015 9:05 PM (IST)
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लीड)  पुत्र के नाम पर पांच लाख निकाले

लीड) पुत्र के नाम पर पांच लाख निकाले मामला श्रीकृष्ण विद्या मंदिर का विद्यालय प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष का कारनामा विद्यालय की नयी प्रबंधन समिति के इंटरनल ऑडिट में हुआ खुलासा रामगढ़. शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय श्रीकृष्ण विद्या मंदिर में विद्यालय प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष ने अपने पुत्र के नाम पर सादे पेपर […]

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लीड) पुत्र के नाम पर पांच लाख निकाले मामला श्रीकृष्ण विद्या मंदिर का विद्यालय प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष का कारनामा विद्यालय की नयी प्रबंधन समिति के इंटरनल ऑडिट में हुआ खुलासा रामगढ़. शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय श्रीकृष्ण विद्या मंदिर में विद्यालय प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष ने अपने पुत्र के नाम पर सादे पेपर पर बिल बना कर लाखों रुपये निकाल लिया है. विद्यालय की नयी प्रबंधन समिति के इंटरनल ऑडिट कराने के बाद यह मामला प्रकाश में आया. श्रीकृष्ण विद्या मंदिर के निवर्तमान अध्यक्ष गोपाल राम अग्रवाल द्वारा अपने पुत्र गिरीश अग्रवाल के नाम से स्कूल में सीमेंट, बालू, लोहा के एंगल आदि की आपूर्ति दिखा कर सादे पेपर पर बिल बना कर लगभग पांच लाख रुपये निकालने की बात ऑडिट में सामने आयी है. भुगतान के चेक पर खुद निवर्तमान अध्यक्ष गोपाल राम अग्रवाल ने भी हस्ताक्षर किया है. चेक को एकाउंट पेई नहीं बना कर केवल नाम से बनाया गया था. बैंक से चेक किसने निकाला, इसकी भी जानकारी ली जा रही है. शहर में हो रही चर्चा के अनुसार यह बात भी सामने आ रही है कि निवर्तमान अध्यक्ष ने अपने भाई के प्रतिष्ठान से भी विद्यालय में सामान की आपूर्ति दिखा कर भुगतान लिया है. जबकि कम से कम तीन दुकानों से कोटेशन लेने का प्रावधान विद्यालय में है. बताया जा रहा है कि पूरी ऑडिट होने के बाद और घपले सामने आने की संभावना है. सादे पेपर पर बिल बना कर चार से पांच लाख रुपये का भुगतान लिया गया है : अध्यक्ष श्रीकृष्ण विद्या मंंदिर के प्रबंधन समिति के वर्तमान अध्यक्ष आनंद अग्रवाल ने बताया कि स्कूल प्रबंधन समिति के निर्णयानुसार विद्यालय इंटरनल ऑडिट कराया जा रहा था. ऑडिट के क्रम में यह बात सामने आयी कि पूर्व अध्यक्ष गोपाल राम अग्रवाल के पुत्र गिरीश अग्रवाल द्वारा स्कूल में सीमेंट, बालू, लोह का एंगल आदि की आपूर्ति दिखायी गयी है. इसके एवज में सादे पेपर पर बने बिल के आधार पर चार से पांच लाख रुपये का भुगतान हुआ है. इस मामले में गिरीश अग्रवाल को 16 नवंबर को पत्र भेज कर स्पष्टीकरण पूछा गया था. लेकिन गिरीश अग्रवाल ने पत्र लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद 16 नवंबर को ही रजिस्टर्ड डाक से पत्र भेज कर इस मामले में उनसे आवश्यक जानकारी मांगी गयी.

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