आपके स्मार्टवॉच की बैटरी चुपचाप खत्म कर रहा है यह फीचर, जरूरत पड़ने पर ही करें ऑन

Published by :Ankit Anand
Published at :03 May 2026 2:36 PM (IST)
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Smartwatch GPS Battery Drain

स्मार्टवॉच (Photo: Gelius)

Smartwatch GPS: अगर आपके स्मार्टवॉच की बैटरी उम्मीद से ज्यादा जल्दी खत्म हो रही है, तो वजह अक्सर GPS होता है. यह फीचर शानदार ट्रैकिंग देता है, लेकिन पावर भी खूब खींचता है. इसलिए इसे हर समय ऑन रखने की जरूरत नहीं है. आइए जानते हैं कि कैसे ये फीचर बैटरी पर असर डालता है.

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Smartwatch GPS: कुछ स्मार्टवॉच ऐसी होती हैं जो सिर्फ एक दिन में ही चार्ज मांग लेती हैं. लेकिन कई मॉडल ऐसे भी हैं जो एक बार चार्ज करने पर कई दिनों या फिर हफ्तों तक आराम से चल जाते हैं. कुछ तो ऐसे भी होते हैं जो सोलर पावर से चलते हैं. यानी धूप मिलती रहे तो बैटरी खत्म ही नहीं होगी. लेकिन चाहे आपकी स्मार्टवॉच कितनी भी दमदार बैटरी वाली क्यों न हो, एक फीचर ऐसा है जो बैटरी को सबसे तेजी से खत्म करता है. हम बात कर रहे हैं GPS की.

जैसे ही आप GPS ऑन करते हैं, चाहे आप दौड़ लगा रहे हों, साइकिल चला रहे हों, हाइक पर हों या सिर्फ रास्ता ढूंढ रहे हों, बैटरी की खपत काफी तेजी से बढ़ जाती है. यही वजह है कि जितना ज्यादा आप इसका इस्तेमाल करेंगे, उतनी जल्दी चार्जिंग की जरूरत पड़ेगी. आइए स्मार्टवॉच में दिए गए Built-in GPS के बारे में डिटेल में जानते हैं.

स्मार्टवॉच में GPS कैसे काम करता है?

स्मार्टवॉच में GPS दो तरीके से काम करता है. या तो फोन के जरिए (connected/assisted GPS) या फिर खुद घड़ी के अंदर मौजूद Built-in GPS से.अगर आपकी स्मार्टवॉच connected GPS इस्तेमाल कर रही है, तो उसे लोकेशन ट्रैक करने के लिए आपके फोन की जरूरत पड़ेगी. मतलब, फोन साथ रखना जरूरी हो जाता है. इसका एक नुकसान ये भी है कि इससे फोन और घड़ी दोनों की बैटरी जल्दी खत्म हो सकती है.

वहीं, Built-in GPS में घड़ी के अंदर ही छोटा सा GPS रिसीवर होता है, जो सीधे पृथ्वी के चारों तरफ घूम रहे सैटेलाइट्स से सिग्नल पकड़कर आपकी लोकेशन ट्रैक करता है. जितने ज्यादा सैटेलाइट बैंड सपोर्ट होते हैं, लोकेशन उतनी ही ज्यादा सटीक मिलती है. लेकिन एक बात ध्यान रखने वाली है कि Built-in GPS लगातार सैटेलाइट से कनेक्ट रहता है, इसलिए इसकी बैटरी भी तेजी से खर्च होती है. यहां तक कि यह हार्ट रेट जैसे फीचर्स से भी ज्यादा बैटरी ले सकता है, क्योंकि GPS तब तक लगातार चलता रहता है जब तक आप ट्रैकिंग ऑन रखते हैं.

GPS बैटरी लाइफ पर कैसे असर डालता है?

अगर आप स्मार्टवॉच यूज करते हैं, तो एक बात हमेशा याद रखें कि GPS बैटरी का सबसे बड़ा दुश्मन है. नॉर्मल यूज में जो वॉच आपको तीन दिन तक आराम से चलती दिखती है, वही GPS ऑन करते ही महज 12 घंटे में जवाब दे सकती है.

उदाहरण के लिए,  Apple Watch Ultra 3 अब तक की सबसे लंबी बैटरी लाइफ देने वाली Apple Watch मानी जाती है. यह नॉर्मल यूज में 42 घंटे और Low Power Mode में 72 घंटे तक चल सकती है. लेकिन GPS और हार्ट रेट ट्रैकिंग चालू होते ही बैटरी लगभग 14 घंटे में खत्म हो सकती है. हालांकि, अगर आप GPS और हार्ट रेट की फ्रीक्वेंसी कम कर दें, तो बैटरी करीब 35 घंटे तक चल सकती है.

तो अगर आप चाहते हैं कि आपकी स्मार्टवॉच जल्दी डिस्चार्ज न हो, तो GPS का इस्तेमाल तभी करें जब असल में जरूरत हो. अगर आप किसी जाने-पहचाने रास्ते पर वॉक कर रहे हैं, तो GPS बंद रखें. साथ ही, Power Saving Mode को यूज करने से GPS ट्रैकिंग थोड़ी कम सटीक जरूर होगी, लेकिन बैटरी काफी ज्यादा बचेगी.

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Ankit Anand

लेखक के बारे में

By Ankit Anand

अंकित आनंद, प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वह पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं. टेक जर्नलिस्ट के तौर पर अंकित स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यूज, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इसके अलावा, वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी अहम खबरों पर भी लिखते हैं. अंकित ने GGSIP यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन की है.

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