पतरातू : दिल्ली से बेटी के आने के बाद मंगलवार शाम पिता कामेश्वर पांडेय की अर्थी उनके पतरातू बस्ती स्थित आवास से उठी. इसी बेटी से मिलने के लिए वह सोमवार को स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस से दिल्ली जानेवाले थे.
लेकिन दोपहर में ही उनकी हत्या हो गयी. परिजनों ने बेटी से मिलने की उनकी इच्छा को ध्यान में रखते हुए शव को बेटी के आने तक रखे रहा. परिजनों के विलाप के बीच शव यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए. शव यात्रा में शामिल होने के लिए बिहार, बंगाल समेत कई जिलों से लोग पहुंचे थे. शव को अंतिम संस्कार स्थानीय दामोदर घाट पर किया गया.
