बाजीराम के मारे जाने के बाद कारोबारियों को मिली राहत

Updated at : 01 Mar 2019 12:43 AM (IST)
विज्ञापन
बाजीराम के मारे जाने के बाद कारोबारियों को मिली राहत

रामगढ़ जिले के गोला, मांडू सहित हजारीबाग के कुछ इलाकों में था प्रभाव घाटोटांड़ : दहशत का पर्याय बन चुका नक्सली संगठन पीएलएफआइ के सरगना बाजीराम महतो उर्फ बाजीराव सिंघम की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के कारोबारियों सहित अमन पसंद लोगों ने राहत की सांस ली है. लइयो निवासी […]

विज्ञापन

रामगढ़ जिले के गोला, मांडू सहित हजारीबाग के कुछ इलाकों में था प्रभाव

घाटोटांड़ : दहशत का पर्याय बन चुका नक्सली संगठन पीएलएफआइ के सरगना बाजीराम महतो उर्फ बाजीराव सिंघम की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के कारोबारियों सहित अमन पसंद लोगों ने राहत की सांस ली है.
लइयो निवासी भाकपा नेता बालेश्वर महतो सहित कई नेताओं व कारोबारियों को फिरौती के लिए अपहरण करने के बाद वर्ष 2011 से सुर्खियों में आये बाजीराम महतो पुलिस के लिए सिर दर्द बन गया था. बाजीराम महतो मूल रूप से विष्णुगढ़ के अचलजामो गांव का रहने वाला था. उसकी मां लइयो ढोरठाटांड़ अपने मायके में ही बस गयी. उसके पिता स्व चोला महतो यहां खेती-बारी, मेहनत व मजदूरी करते थे.
लइयो ढोरठाटांड़ में उसका छोटा सा कच्चा मकान है.
इसमें उसकी मां व छोटे भाई द्वारिका महतो की पत्नी दो बच्चों के साथ रहती है. उसका भाई द्वारिका महतो हथियार तस्करी के मामले में औरंगाबाद से गिरफ्तार हुआ था. अभी वह जेल में है. जेल जाने के बाद उसकी पत्नी बच्चों को लेकर ज्यादातर मायके में ही रहती है. बाजीराम दो भाई व एक बहन में सबसे बड़ा था.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola