रामगढ़ : बालेश्वर महतो हत्याकांड का खुलासा, भांजा निकला साजिशकर्ता

Updated at : 23 Oct 2018 12:52 AM (IST)
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रामगढ़ : बालेश्वर महतो हत्याकांड का खुलासा, भांजा निकला साजिशकर्ता

घाटोटांड़ (रामगढ़) : वेस्ट बोकारो ओपी पुलिस ने तकनीकी शाखा के सहयोग से लइयो के भाकपा नेता सह लोकल सेल निगरानी समिति के सदस्य बालेश्वर महतो हत्याकांड का उद्भेदन कर लिया है. इस हत्याकांड के साजिशकर्ता रैयत विस्थापित संघर्ष समिति के अध्यक्ष लईयो निवासी मो साजिद उर्फ गुलाम अंसारी, रेवालाल महतो, अशोक महतो और गोसी […]

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घाटोटांड़ (रामगढ़) : वेस्ट बोकारो ओपी पुलिस ने तकनीकी शाखा के सहयोग से लइयो के भाकपा नेता सह लोकल सेल निगरानी समिति के सदस्य बालेश्वर महतो हत्याकांड का उद्भेदन कर लिया है. इस हत्याकांड के साजिशकर्ता रैयत विस्थापित संघर्ष समिति के अध्यक्ष लईयो निवासी मो साजिद उर्फ गुलाम अंसारी, रेवालाल महतो, अशोक महतो और गोसी निवासी नागेश्वर महतो को पुलिस ने गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया.
हत्याकांड का खुलासा करते हुए ओपी प्रभारी रामेश्वर भगत ने बताया कि लईयो उत्तरी व दक्षिणी पंचायत क्षेत्र के कुछ लोग सीसीएल की झारखंड लोकल सेल में भागीदारी को लेकर रैयत विस्थापित संघर्ष समिति लईयो के बैनर तले आंदोलन चला रहे थे. इसका नेतृत्व समिति के अध्यक्ष गुलाम अंसारी व उसके कुछ साथी कर रहे थे. आंदोलन में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के कारण इन्हें यह लगने लगा कि बालेश्वर महतो के रहते लोकल सेल से आर्थिक लाभ ले पाने की उनकी मंशा कभी पूरी नहीं हो सकती है.
ऐसे में दहशत पैदा करते हुए बालेश्वर महतो को ही रास्ते से हटाने की योजना बनायी गयी. योजना के मुताबिक नक्सली संगठन के नाम पर गिरोह बना कर फिरौती के लिए बालेश्वर महतो का अपहरण करनेवाला लइयो निवासी बाजीराम महतो को चुना गया. उसके भाई द्वारिका महतो से रेवालाल महतो ने संपर्क किया. उसे बालेश्वर महतो से पुरानी दुश्मनी का हवाला देते हुए तथा लोकल सेल से मोटी राशि मिलने का लालच दिया गया.
अपहरण के मामले में जेल में बंद बाजीराम महतो के भाई द्वारिका महतो ने भरोसा दिलाया कि उसका भाई बहुत जल्दी जेल से निकलने वाला है, जेल से निकलने के बाद उससे बात होगी. दो माह पहले जब बाजीराम जेल से बाहर आया तो द्वारिका महतो व रेवालाल महतो उससे मिल कर बालेश्वर महतो की हत्या की योजना बनायी. इसके बाद रेवालाल महतो बाजीराम के संपर्क में रहने लगा. इसका खुलासा उसके फोन कॉल डिटेल्स से भी मिला.
ओपी प्रभारी ने बताया कि रेवालाल महतो हमेशा मोबाइल से बात कर उसे जरूरी सूचनाएं देता था. बाकि के लोग उसे इसमें सहयोग करते थे. 15 अक्तूबर को रेवालाल महतो तिलैया जंगल में जाकर बाजीराम से मिला. तय योजना के मुताबिक बाजीराम अपने सहयोगियों के साथ 15 अक्तूबर की रात मोबाइल से सूचना मिलते ही लईयो चौक आकर बालेश्वर महतो को रात 8.30 बजे उनके क्वार्टर के गेट पर पीछे से सटा कर गोली मार कर हत्या कर दी.
इस हत्याकांड में संलिप्त अशोक महतो, गुलाम अंसारी, रेवालाल महतो व नागेश्वर महतो को पुलिस रविवार रात छापामारी कर उनके घर से गिरफ्तार किया. सोमवार को चारों अारोपियों को जेल भेज दिया गया. ओपी प्रभारी ने बताया कि इस हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त बाजीराम महतो व उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी अभियान चलाया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि बाजीराम महतो बालेश्वर महतो का रिश्ते में भांजा है. इसी ने आठ साल पहले भी फिरौती के लिए बालेश्वर महतो का अपहरण किया था.
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