मांडूडीह में 1930 से हो रही है पूजा

Updated at : 15 Oct 2018 12:35 AM (IST)
विज्ञापन
मांडूडीह में 1930 से हो रही है पूजा

मांडू : मांडू पड़ाव दुर्गा मंडप में वर्ष 1930 से लगातार मां दुर्गा की पूजा होते आ रही है. यह समिति मांडू में सबसे पुरानी पूजा समिति है. पूर्व में पूरे मांडू के ग्रामीण संयुक्त रूप से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर एक साथ पूजा करते थे. पूजा समिति से अलग होकर मांडूचटी में […]

विज्ञापन
मांडू : मांडू पड़ाव दुर्गा मंडप में वर्ष 1930 से लगातार मां दुर्गा की पूजा होते आ रही है. यह समिति मांडू में सबसे पुरानी पूजा समिति है. पूर्व में पूरे मांडू के ग्रामीण संयुक्त रूप से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर एक साथ पूजा करते थे. पूजा समिति से अलग होकर मांडूचटी में 1943 और 1953 में मांडू बस्ती में पूजा शुरू की गयी.
इससे पूर्व ,मांडू के लोग पूजा के लिए बैलगाड़ी से रामगढ़, हजारीबाग और कुजू जाते थे. ग्रामीणों के अनुसार, मांडू में आयोजित पूजा व मेले में 20 कोस दूर से लोग आते थे. 1930 से पीढ़ी दर पीढ़ी ग्रामीण समिति बना कर पूजा का आयोजन करते आ रहे हैं.
पंडाल व विद्युत सज्जा होगा आकर्षण
पड़ाव दुर्गा मंदिर परिसर में कारीगरों ने पंडाल का निर्माण किया है. बंगाल के कलाकारों द्वारा मां दुर्गा की प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जा रहा है. पूजा समिति द्वारा एनएच 33 किनारे व मंदिर परिसर में आकर्षक विद्युत सज्जा की जा रही है. विजयादशमी के दिन रावण दहण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola