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एक अरब खर्च होने के बाद भी नहीं बदली छतरपुर नगर पंचायत की तस्वीर

Updated at : 21 Nov 2024 8:07 PM (IST)
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एक अरब खर्च होने के बाद भी नहीं बदली छतरपुर नगर पंचायत की तस्वीर

नगर पंचायत में सौंदर्यीकरण सहित विकास के लिए करीब एक अरब रुपये खर्च किया गया है. लेकिन इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पाया है.

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छतरपुर. नगर पंचायत में सौंदर्यीकरण सहित विकास के लिए करीब एक अरब रुपये खर्च किया गया है. लेकिन इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पाया है. शहरी व आसपास क्षेत्र की तस्वीर नहीं बदल सकी. लोगों का कहना है कि नगर पंचायत के द्वारा विकास की योजनाओं में सिर्फ पैसों की बंदरबांट की गयी है. सूचना के अधिकार के तहत जो जानकारी विभाग द्वारा दी गयी है. उसमें नगर पंचायत के गठन के बाद जनवरी 2023 तक नगर के विकास के लिए 73 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं. शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर कई उपकरण खरीदे गये. जिसमें शौचालय की टंकी साफ करने की सायफन मशीन, जेसीबी, कूड़ा उठाने के लिए डेढ़ दर्जन टाटा मैजिक, पानी की आपूर्ति करने के लिए आधा दर्जन टैंकर सहित कई उपकरणों की खरीदी गयी. लेकिन बिना उपयोग के ही सभी वाहन व उपकरण जर्जर हो गये हैं. नियम कानून को ताक पर रख जितने भी वाहन खरीदे गये, उनमें से एक भी वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया. अगर अब उन वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराया गया, तो उतनी राशि में दूसरे नये वाहन खरीदे जा सकते हैंं. वहीं वाहनों के दुर्घटना होने पर चालक और मजदूर को इंशुरेंस का लाभ भी नहीं मिल पायेगा. नगर पंचायत के द्वारा जिस मद में खर्च किये गये, उनमें जपला मोड़ पर लाइट लगाने में ढाई लाख, जपला रोड़ में पेपर ब्लॉक ईंट लगाने और सीमेंट वाली चेयर लगाने में पांच लाख, नगर पंचायत के जपला मोड़ व वीणा लॉज के पास, सरईडीह मोड़, रामगढ़ में 26 लाख खर्च कर हाई मास्क लाइट लगायी गयी है. इसी तरह आठ स्थानों पर 22 लाख की लागत से मॉडलर पेशाब घर बनाये गये हैं. 75 लाख की लागत से बारा जानेवाली सड़क पर फुलवारी मैदान के पास, ब्लॉक कार्यालय के बाहर मुख्य पथ के किनारे और बाजार परिसर में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया, जो आबादी वाली में जगह न बना कर सुनसान जगह पर बनाये जाने से अनुपयोगी है. उसके अलावा सात स्थानों पर 63 लाख की लागत से श्मशान शेड का निर्माण कराया गया है, जो बनते ही हवा के झोखें में उजड़ गये. वहीं 25 लाख की लागत से बारा में बने पंचायत भवन की रिमॉडलिंग कर नगर पंचायत कार्यालय स्थापित किया गया और कुछ माह बाद अनुमंडल कार्यालय खंडहर में तब्दील हो गया. सामुदायिक भवन में 50 लाख रुपये खर्च कर रिमॉडलिंग कर 15 अगस्त 2024 को नगर कार्यालय उसमें शिफ्ट किया गया. इसके अलावा छतरपुर के पंच पांडों पर बना पंचायत भवन को 25 लाख रुपये खर्च कर उसमें अर्बन हेल्थ वेलनेस सेंटर खोला गया, जो लोगों के लिए सिर्फ दिखावे का हांथी का दांत साबित हो रहा है. 48 लाख की लागत से कूड़ेदान खरीदे गये जो अब कबाड़ बनकर कबड़खाने में पड़े हुई है. इसके साथ नगर पंचायत में पीसीसी सड़क, नाली निर्माण में घोर अनियमितता की गयी है. नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी फैजुल रहमान ने बताया कि तीन माह पहले उनकी पदस्थापना हुई है. इस कारण पूरे मामले की उन्हें जानकारी नहीं है. मामला संज्ञान में आया है. अब वह अपने स्तर से इसकी जांच करायेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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