जेटेट से क्षेत्रीय भाषा हटाना पलामू के युवाओं के साथ अन्याय : त्रिपाठी

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जेटेट से क्षेत्रीय भाषा हटाना पलामू के युवाओं के साथ अन्याय : त्रिपाठी

जेटेट से क्षेत्रीय भाषा हटाना पलामू के युवाओं के साथ अन्याय : त्रिपाठी

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मेदिनीनगर. राज्य सरकार द्वारा जेटेट की परीक्षा से मगही, भोजपुरी व अंगिका भाषा को हटाये जाने के विरोध में सहायक अध्यापकों व युवाओं ने कचहरी परिसर में प्रदर्शन किया. राज्य के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य सरकार के इस निर्णय से पलामू के युवाओं में आक्रोश है.कुडूख व नागपुरी पलामू की क्षेत्रीय भाषा नहीं है. इसे जेटेट की परीक्षा से पलामू के लिए चिह्नित किया गया है, जो किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है. जेटेट की परीक्षा से क्षेत्रीय भाषा को हटाना पलामू के युवाओं के साथ अन्याय है. उन्होंने कहा कि पलामू के युवाओं की मांग जायज है और इसे लेकर वह आंदोलन में शामिल रहेंगे. धरना प्रदर्शन में विनोद तिवारी ने कहा कि सरकार पलामू के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. पलामू की मूल भाषा मगही, भोजपुरी है. जबकि सरकार ने जेटेट की परीक्षा के लिए नागपुरी व कुडूख भाषा को चिन्हित किया है. सरकार को चाहिए कि इसे वापस लें. धरना में भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी, सीपीआइ के जिला सचिव रुचिर तिवारी, सहायक अध्यापक संघ के धर्मेंद्र तिवारी, सत्यनारायण शुक्ला, अनुज दुबे शामिल थे.

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Akarsh Aniket

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