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फर्जी शिक्षक को नियुक्ति पत्र निर्गत करनेवाले दो लिपिकों के वेतन से होगी वसूली

Updated at : 02 Jul 2020 12:34 AM (IST)
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फर्जी शिक्षक को  नियुक्ति पत्र निर्गत करनेवाले दो लिपिकों के वेतन से होगी वसूली

फर्जी शिक्षक को नियुक्ति पत्र निर्गत करनेवाले दो लिपिकों के वेतन से होगी वसूली

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मेदिनीनगर : राज्य प्राथमिक शिक्षा निदेशक आदित्य कुमार आनंद ने पलामू में फरजी प्रमाण पत्र पर बहाल शिक्षक सुरेश सिंह को नियुक्ति प्रमाण पत्र निर्गत करने के मामले में शिक्षा विभाग के दो सहायकों के वेतन से वसूली करने का निर्देश दिया है. निदेशक श्री आनंद ने पलामू के आरडीडीइ अरविंद विजय विलुंग को पत्र भेज कर अविलंब कार्रवाई का निर्देश दिया है. वर्ष 2004 में झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा प्रकाशित रिजल्ट में सहायक शिक्षक सुरेश सिंह का एसटी कोटि के अभ्यर्थी के रूप में चयन हुआ था. लेकिन जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से उक्त शिक्षक को सामान्य जाति में नियुक्ति पत्र दे दिया गया था.

निदेशक ने पत्र में कहा है कि जिला शिक्षा स्थापना समिति के निर्णय के विपरीत पलामू जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय के सहायक अनुज कुमार शुक्ला एवं अशोक चौधरी द्वारा उक्त सहायक शिक्षक सुरेश सिंह को सामान्य जाति में नियुक्ति पत्र निर्गत कर दिया गया. सहायक शिक्षक द्वारा समर्पित जाति प्रमाण पत्र जाली था,इसलिए साजिश के तहत उनका कोटि अनुसूचित जनजाति से परिवर्तित कर सामान्य किया गया ,जो गंभीर अपराध है.

दोनों सहायकों पर पलामू जिला शिक्षा स्थापना समिति द्वारा 16 अक्टूबर 19 की बैठक में अनुज कुमार शुक्ला एवं अशोक चौधरी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया. झारखंड लोक सेवा आयोग रांची की अनुशंसा एवं जिला शिक्षा स्थापना समिति के निर्णय के विरुद्ध नियुक्ति पत्र निर्गत करना गंभीर जालसाजी बताया गया है.

माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपील वाद संख्या 7879/ 2019 दिनांक 17 अक्टूबर 19 को पारित न्यायदेश के अनुसार जाली प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्त कर्मियों को वेतन देय नहीं है. शिक्षक सुरेश सिंह का वेतन के रूप में भुगतान राशि की वसूली दोषी लिपिक वेतन से राशि वसूली की जायेगी एवं विभागीय कार्यकारी का निष्पादन करते हुए आरोपों को गंभीरता के अनुरूप दंड देने का निर्णय किया जायेगा.

विभाग ने फर्जी शिक्षक को दिसंबर 2019 में बर्खास्त कियाफरजी प्रमाण पत्र पर नियुक्त सहायक शिक्षक सुरेश सिंह वर्ष 2004 में एसटी प्रमाण पत्र पर नियुक्त हुई थी. वर्ष 2016 में जनसंवाद में शिकायत दर्ज हुई थी. जिसके बाद मामला प्रकाश में आया. विभाग द्वारा दिसंबर 2019 में बर्खास्त किया गया. सुरेश सिंह लेस्लीगंज के चैनेगिर उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पदस्थापित थे. लेस्लीगंज प्रखंड के भकासी गांव के रहनेवाले है. चार वर्षों तक जांच के बाद विभाग ने सेवानिवृत्ति के एक माह पहले सहायक शिक्षक सुरेश सिंह के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की.

Post by : Pritish Sahay

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